अपने गढ़ में ही हारी कांगे्रस, अंतर्कलह का मिला फायदा

Spread the love

जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : नगर निगम चुनाव में कांग्रेस अपने गढ़ में भी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई। यहां भी भाजपा ने उसके वोटों पर सेंधमारी की है। वहीं, कांग्रेस में चल रही अंतर्कलह का भारतीय जनता पार्टी को काफी फायदा मिला। ऐसे में निकाय चुनाव कांग्रेस को कई सबक सिखा गया है।
निकाय चुनाव में कांग्रेस का अंतर्कलह जग-जाहिर था। इसी का फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिला है। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत को चुनावी रण में उतारा। कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होकर चुनावी रण में उतरे शैलेंद्र के राह भले ही सामने से प्रशस्त नजर आ रही थी। लेकिन, भीतरघात की भी प्रबल संभावनाएं थी। लेकिन, कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए शैलेंद्र सिर्फ क्षेत्रीय जनता की नब्ज से भली-भांति परिचित थी, बल्कि उन्होंने कांग्रेस की अंतर्कलह का भी फायदा उठाया। उन्होंने जहां एक ओर कांग्रेस के गढ़ समझे जाने वाले क्षेत्रों में यह प्रचारित किया कि कांग्रेस बिखरी हुई है और चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं है। वहीं, दूसरी ओर भाजपा के तमाम नेताओं को साथ रख यह दिखाने का प्रयास भी किया कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है। पूर्व में हुए निकाय चुनाव में कांग्रेस को जीत दिलवाने वाले लकड़ीपड़ाव, आमपड़ाव क्षेत्र से भी इस बार कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई। पांच नंबर वार्ड की बात करें तो वर्ष-2018 के चुनाव में यहां कांग्रेस को 1079 व भाजपा को मात्र 115 वोट मिले। जबकि, इस बार कांग्रेस को 984 व भाजपा को 482 मत प्राप्त हुए। वार्ड नंबर दस में-2018 में कांग्रेस को 1245 व भाजपा को 246 वोट मिले थे। लेकिन इस बार कांग्रेस को 1407 व भाजपा को 677 मत प्राप्त हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *