जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग को एलिवेटेड बनाने की मांग को लेकर धरने पर डटे लोगों ने मार्ग निर्माण के नाम पर सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि न्यायालय में तथ्यों को बेहतर तरीके से नहीं रखा गया। जिससे न्यायालय ने मार्ग पर व्यवसायिक वाहनों के संचालन की स्वीकृति नहीं है। कहा कि सरकार को जल्द से जल्द बेहतर व्यवस्थाएं बनाने पर ध्यान देना चाहिए। जनता की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी।
चिलरखाल वन चौकी के समीप धरना दे रहे लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि न्यायालय के देश के बाद जनप्रतिनिधि अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। लेकिन, न्यायालय में बेहतर पैरवी नहीं होने के कारण मार्ग निर्माण की स्थिति साफ नहीं हो पाई। सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने अच्छे से पैरवी नहीं की, जिसके चलते सभी कामर्शियल वाहनों पर रोक लगा दी गई है। सरकार ने मात्र 18 गांव की 41500 लोगों के लिए ही बात की, जबकि कोटद्वार विधानसभा से लगने वाले 5 से 6 विधासभाओं में छ: से आठ लाख लोग रहते हैं। सरकार ने केवल दो नदियों पर बनने वाले 400 मीटर के पुलों के लिए कहा, जबकि 4.7 किमी. हिस्से में एलिवेटेड की बात नहीं की। आदेश के अनुसार, अब सभी कामर्शियल वाहन उत्तर प्रदेश के रास्ते कोटद्वार आएंगे। कहा कि इसके लिए राज्य सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश की सड़क को वैकल्पिक मार्ग बताना सरासर गलत है। कोटद्वार से लेकर चिलरखाल व भूवदेवपुर तक की जनता का अपना कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। इस मौके पर प्रवीण थापा, रविंद्र सौंद, जगत सिंह नेगी, कृपाल सिंह गुसाई, गोवर्धन काला, गोविंद काला, गणेश रावत, भागा देवी, विनीता देवी, सीमा देवी, कल्पना जोशी, स्वाति लखेड़ा, शिवांगी, रेखा नेगी आदि मौजूद रहे।