देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ते जनहित के मुद्दों और कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राजनीति गरमा गई है। खटीमा विधायक और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर राज्य में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। कापड़ी ने पत्र में राज्य की तीन प्रमुख समस्याओं को रेखांकित करते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। कापड़ी ने कहा कि दशकों से सरकारी और वन भूमि पर बसे गरीब, श्रमिक और भूमिहीन परिवारों को अभी तक मालिकाना हक नहीं मिला है। उन्होंने ऋषिकेश और बिंदुखत्ता जैसे क्षेत्रों का हवाला देते हुए कहा कि इन लोगों को अतिक्रमणकारी बताकर उजाड़ने की कार्रवाई अमानवीय है। इसके लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है। राज्य में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता जांच प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्षता के लिए इसकी सीबीआई जांच कराई जाए और उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में पूरी न्यायिक प्रक्रिया संपन्न हो। विधायक ने राज्य में बढ़ती हत्या, बलात्कार, चोरी और नशे के अवैध कारोबार पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में असुरक्षा का वातावरण बन गया है, जिस पर सदन में चर्चा होना अनिवार्य है। भुवन कापड़ी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि इन गंभीर विषयों पर सदन में चर्चा और ठोस निर्णय लेना समय की मांग है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द विशेष सत्र आहूत किया जाए, ताकि इन समस्याओं का न्यायोचित समाधान निकल सके।