श्रीनगर गढ़वाल : कमलेश्वर महादेव मंदिर में 25 जनवरी को घृत कमल अनुष्ठान होगा। पौराणिक काल में देवताओं की ओर से शुरू की गई इस परंपरा को अब मंदिर के महंत, जनता और श्रद्धालुओं के सहयोग से घृत कमल अनुष्ठान के रूप में हर वर्ष पूरा किया जाता है। मंदिर के महंत 108 आशुतोष पुरी ने बताया कि घृत कमल पूजन का अनुष्ठान सायंकाल से शुरू होगा। आदि काल में इस महापूजा का मूल उद्देश्य भगवान शिव को वैराग्य से गृहस्थ जीवन की ओर उन्मुख करना है। पूजन में तीन सांगपांग पूजा होती है। प्रत्येक पूजा में छ: आवरण होते हैं। इस प्रकार कुल अठारह आवरणों से यह पूजा संपन्न की जाती है। शिवलिंग को घी से पूरी तरह ढका जाएगा और विशेष शृंगार किया जाएगा। इस दौरान भगवान को लगभग 128 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया जाएगा। अनुष्ठान का सबसे कठिन और श्रद्धापूर्ण हिस्सा लोट परिक्रमा है। पूजा संपन्न होने के बाद महंत दिगंबर अवस्था (मात्र लंगोटी धारण कर) में मंदिर प्रांगण की लोट परिक्रमा करते हैं। यह कठिन तप जगत कल्याण, विश्व शांति और आसुरी शक्तियों (प्रतीकात्मक रूप से तारकासुर) के नाश के लिए किया जाता है। इस दौरान श्रीनगर और दूर-दराज के क्षेत्रों से आए भारी संख्या में श्रद्धालु महंत को साक्षी मानकर इस पुण्य कार्य में सहयोग देते हैं। (एजेंसी)