जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : नव संवत्सर अभिनंदन समारोह समिति की ओर से नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर शहर में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। ढोल-दमाऊ की थाप पर निकली शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
बुधवार को हिंदू पंचायती धर्मशाला से प्रेक्षागृह तक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। इसके उपरांत प्रेक्षागृह में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी ने युवाओं को अपनी संस्कृति व सभ्यता के प्रति जागरूक किया। कहा कि नव संवत्सर केवल एक नव वर्ष का प्रारंभ नहीं है। बल्कि यह हमारी भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। यह दिन हमें नव ऊर्जा, नई आशा और नए संकल्पों के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कहा कि हमें अपने बच्चों को भी अपने संस्कृति व सभ्यता के प्रति जागरूक करना होगा। मुख्य वक्ता राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार के प्राचार्य डीएस नेगी ने कहा कि नव संवत्सर को त्योहार के रूप में मनाने की हमारी यह समृद्ध परंपरा रही है। फूल संक्रांति से ही नव संवत्सर के स्वागत के अनुष्ठान प्रारंभ हो जाते हैं। डा. पदमेश बुड़ाकोटी ने नव संवत्सर के महत्व के बारे में बताया। कहा कि कोटद्वार में नव संवत्सर अभिनंदन समारोह समिति 1998 से लगातार नव संवत्सर मना रही है। हमारा मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी संस्कृति व सभ्यता के प्रति जागरूक करना है। शोभा यात्रा में स्कलों के साथ ही कुंभीचौड़, सनेह, लालपानी, शिब्बूनगर, सिताबपुर, काशीरामपुर, लालपुर, पदमपुर व भाबर क्षेत्र की पचास से अधिक कीर्तन मंडलियों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष राज गौरव नौटियाल, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अण्थ्वाल, ऋषि कंडवाल, चंद्रप्रकाश नैथानी, महानंद ध्यानी, एसपी थपलियाल, राकेश लखेड़ा, योगंबर सिंह रावत, शशिभूषण अमोली, रोशन बलूनी, मीना अग्रवाल, राम प्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन चंद्रप्रकाश नैथानी व शशिभूषण अमोली ने किया।