रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में उत्साह है। बड़ी संख्या में यात्री बाबा केदार के दर्शनों को पहुंचने लगे हैं। तीर्थपुरोहितों द्वारा भी धाम पहुंचने पर यात्रियों को स्वागत किया जा रहा है। इधर, गौरीकुंड से डंडी-कंडी की बेहतर सुविधा के साथ ही अब घोड़े-खच्चरों का भी संचालन होने लगा है। प्रशासन ने कहा कि यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं की गई है। 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद से एक सप्ताह के भीतर ही दो लाख से अधिक यात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन ने कहा कि कुल लोग सस्ती लोकप्रियता के लिए सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
धाम के तीर्थ पुरोहितों ने इस पर आक्रोश जताते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया है। उन्होंने धाम एवं यात्रा के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न देते हुए बाबा केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रियों का स्वागत किया है। केदारनाथ में टोकन सिस्टम होने से यात्री आराम से दर्शन कर रहे हैं। धाम में प्रतिदिन 30 हजार तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। केदारनाथ के लिए वर्तमान में गौरीकुंड से डंडी कंडी की बेहतर सुविधा है। जबकि घोड़े-खच्चरों का भी संचालन शुरू हो गया है। रविवार को 800 स्वस्थ घोड़े-खच्चरों को यात्री सुविधा में केदारनाथ भेजा गया है। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत रुद्रप्रयाग संजय कुमार ने बताया कि प्रतिदिन एक हजार से अधिक श्रद्धालु डंडी-कंडी से धाम पहुंच रहे हैं, जबकि करीब एक हजार डंडी- कंडी एवं पिट्ठू संचालक खाद्य एवं अन्य सामग्री की आपूर्ति में जुटे हुए हैं। इस कठिन समय में जिला पंचायत की निगरानी में डंडी-कंडी संचालक यात्रा प्रबंधन में अहम जिम्मेदारी निभा रहा है।