बागेश्वर()। जिला मुख्यालय में लंबे समय से गुलदार का आतंक बना हुआ है। सोमवार की सुबह क्षेत्र में गुलदार का शावक मृत मिला। लोगों ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी। सूचना के बाद वन कर्मी मौके पर पहुंचे और शव कब्जे में ले लिया। मां से बिछुड़ने को मौत का कारण माना जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। शावक मिलने से लोगों को उसके मां के आसपास होने का डर सता रहा है। सोमवार की सुबह करीब छह बजे क्षेत्र के लोगों ने नदीगांव में एक गुलदार का शावक मृत मिला। इसकी जानकारी वन विभाग को दी। सूचना के बाद वन कर्मी मौके पर पहुंचे और शव रेंज कार्यालय ले गए। तीन से चार महीने के शावक के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं हैं। विभाग मां से बिछुड़ने तथा ठंड को मौत का कारण मान रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न ने बताया कि मृत शावक लगभग चार महीने का है। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। उन्होंने कहा मां से अलग होने के कारण शावक को लंबे समय तक भोजन नहीं मिल पाया, जिससे वह कमजोर हो गया। साथ ही, वर्तमान मौसम में पड़ रही अत्यधिक ठंड भी उसकी मौत का कारण बन सकती है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सके। विभाग आसपास के जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गुलदार की मादा या अन्य वन्यजीव क्षेत्र में मौजूद तो नहीं हैं।