पोखड़ा ब्लॉक में गुलदार की दहशत, बच्चे घरों में कैद

Spread the love

जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : पौड़ी जिले के पोखड़ा में गुलदार के भय से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे है। गुलदार के इस इलाकों में एक के बाद हमलों से जहां स्थानीय ग्रामीण भी दहशत में है वहीं बच्चे स्कूलों तक नहीं जा पा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर ब्लॉक के 12 स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। फिलहाल मंगलवार तक स्कूलों को बंद रखने के आदेश हैं। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय ग्रामीणों की भी पूरी दिनचर्या पिछले चार-पांच दिनों से पटरी से उतरी हुई है। महिलाएं जहां अपने मवेशियों के लिए आस-पास के सटे जंगलों में घास लेने नही जा पा रही है, वहीं अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर संगलाकोटी बाजार जाने में भी ग्रामीण डर रहे हैं।
बता दें कि गुलदार ने बीती 13 नवंबर को बगड़ीगाड़ में नाप खेतों में घास काट रही महिला को मार डाला था, इसके बाद इसी गांव से करीब चार किलोमीटर की दूर पर घंडियाल में जंगल में घास लेने गई महिला को गंभीर घायल किया था। गुलदार की सक्रियता को देखते हुए इस पोखड़ा ब्लॉक के 12 स्कूलों को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया है। इन स्कूलों में एक से लेकर 12वीं तक के बच्चे शामिल हैं। स्कूल 18 नवंबर तक बंद किए गए हैं। पोखड़ा के ब्लॉक प्रमुख संजय गुंसाई ने बताया कि जहां महिला को गुलदार ने घायल किया वह उन्हीं का गांव घंडियाल है। इन दिनों ग्रामीणों में गुलदार की डर बहुत अधिक हो गई है। ग्रामीण शाम होते ही अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। चारापत्ती को लेकर भी परेशानियां आ रही हैं। रोजमर्रा की दिनचर्या गुलदार के हमलों के बाद यहां ठहर सी गई है। गांव से कुण्जखाल बाजार पैदल करीब 1 किलोमीटर की आवाजाही भी इन दिनों ग्रामीण नहीं कर रहे है। ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि पूरा पोखड़ा ब्लॉक ही गुलदार के मामले में संवेदनशील है ऐसे में विभाग को यहां जगह-जगह पिंजरे लगाने चाहिए, ताकि लोगों पर हमले कम हो सके। साथ ही एक गुलदार को नरभक्षी घोषित किए जाने से भी अब बात नहीं बन पा रही है। गुलदार के हमलों पर अकुंश लगाने के लिए कोई दीर्घकालिक योजना धरातल पर उतरानी चाहिए तभी यहां के ग्रामीण सुरक्षित रह सकते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *