गुरू शिष्य परम्परा का समापन

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार।
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृ तिक केन्द्र प्रयाग राज द्वारा चलाई जा रही गुरू शिष्य परम्परा कार्यक्रम का समापन हो गया है।

कार्यक्रम में थड़िया, चौफुला, झुमैलो आदि नृत्य लोक गीतो का विधिवत प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नत्थी लाल नौटियाल ने गुरू शिष्य परम्परा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाओं से उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति जीवित रह सकती है। उन्होंने निदेशक रेनू सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की योजनाएं समस्त उत्तराखण्ड में संचालित की जाय, जिससे लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवद्र्धन हो सके। उन्होंने कहा कि लोक कलाकार समाज के धरोहर होते है, उन्हें संरक्षण एवं सहयोग पहुंचाना हम सभी का कर्तव्य बनता है। लोक कलाकार राकेंद्र सिंह रौथाण ने कहा कि अपनी विरासत के प्रति जागरूक व्यक्ति ही अपने सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में तत्पर होकर कार्य कर सकता है।

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