10 साल की उम्र हाफिज ए कुरान बने दो सगे भाई

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हरिद्वार। ज्वालापुर क्षेत्र के मोहल्ला घोसियान स्थित मदरसा हाशमिया खादिमुल उलूम में पढ़ने वाले दो सगे भाइयों ने 10 साल की उम्र में कुरान हिफ्ज (कंठस्थ) किया है। इतनी कम उम्र में दोनों भाइयों के कुरान हाफिज होने पर उनके परिवार के साथ-साथ मदरसे में भी खुशी का माहौल है। इन दोनों भाइयों सहित मदरसे के कुल 10 हाफिजों की दस्तारबंदी की जाएगी। इस्लाम धर्म के पवित्र ग्रंथ कुरान को हिफ्ज यानी कंठस्थ करने वाले को हाफिज कहा जाता है। मदरसे में कुरान हिफ्ज करने में बच्चों को खूब मेहनत करनी होती है। ज्वालापुर के घोसियान निवासी मुकद्दर सुनार ने अपने दोनों बेटों मुहम्मद युसुफ शेख और मोहम्मद युनुस शेख को हाफिज बनाने के लिए उनका दाखिला मदरसा हाशमिया खादिमुल उलूम में कराया था। दोनों भाइयों ने 15 महीने में कुरान हिफ्ज कर अपने मां-बाप का सपना साकार कर दिखाया। मदरसा के नाजिम (प्रबंधक) मौलाना इकबाल कासमी और मोहतमिम मौलाना अब्दुल वाहिद ने दोनों बच्चों की हौसलाअफजाई करते हुए दुआओं से नवाजा है। मौलाना इकबाल कासमी ने बताया कि 23 मार्च बुधवार को रात इशा की नमाज के बाद इन दोनों भाइयों सहित कुल 10 हाफिज ए कुरान बच्चों की दस्तारबंदी की जाएगी। जिसमें मदरसा मजाहिरुल उलूम के नायम सदर मौलाना जाफर साहब मौजूद रहेंगे। मौलाना इकबाल कासमी ने शहरवासियों से कार्यक्रम में शिरकत करने की अपील की है।

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