हर घर तक नल पहुंचाने के फेर में पुराने संयोजन बेपानी

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अल्मोड़ा। बढ़ते जल संकट के बीच %हर घर को नल से जल% योजना राहत के बजाय आफत बनने लगी है। जल संरक्षण के बजाय दोहन की नीति पर ज्यादा जोर होने से नए संयोजन आफत बन गए हैं। अब लोगों को पानी मिलना ही दूभर हो गया है। इससे गुस्साए कफड़ा व उभ्याड़ी के बाशिंदे 10 किमी लंबा सफर तय कर तहसील मुख्यालय जा धमके। जल संस्थान कार्यालय का घेराव किया। तर्क दिया कि स्रोत सूख रहे हैं। कागजों में उपलब्धि दर्शाने को नए कनेक्शन लगाए जा रहे हैं। ऐसे में जिन्हें थोड़ा बहुत पानी मिल भी रहा था, वह भी दूभर हो चला है। आलम यह है कि क्षेत्र में करीब 200 संयोजन बेपानी हो चले हैं। ग्रामीणों ने समस्या का जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी।
विकासखंड के कफड़ा व उभ्याड़ी वालों की प्यास बुझाने को करीब 12 किमी दूर ऐरोली से गुरुत्व पेयजल योजना बनी है। पहले योजना में खराबी से लोग परेशान रहे। यह दुरुस्त हुई तो हर घर तक नल पहुंचाने के फेर में पुराने संयोजन बेपानी हो गए हैं। इससे दोनों गांवों में पेयजल संकट और गहरा गया है। ग्रामीणों को मीलों दूर से हलक तर करने का जुगाड़ करना पड़ रहा। वह भी नाकाफी साबित हो रहा। इससे आक्रोशित ग्रामीण शुक्रवार को जल संस्थान कार्यालय जा पहुंचे। कार्यालय का घेराव किया। साथ ही विभाग की वितरण प्रणाली पर भी सवाल उठाए।
और बढ़ गया ग्रामीणों का गुस्सा: अवर अभियंता के न मिलने पर ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने पेयजल समस्या का स्थायी समाधान न निकाले जाने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी। नगर के बाजार क्षेत्र में भी विभाग के खिलाफ भड़ास निकाल महिलाएं गांवों को लौट गई। इस दौरान अनीता आर्या, गंगा देवी, सरस्वती देवी, ललिता देवी, इंद्रा जोशी, पूजा आर्या, खीम राम, माया कबडवाल आदि शामिल रहे। उधर, जिला पंचायत सदस्य कौशल्या रावत, बीडीसी सदस्य रेखा कबडवाल तथा ग्रामप्रधान दिनेश कबडवाल आदि ने उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भी भेजा।
जलजीवन मिशन के तहत नए संयोजन होने के कारण पानी की दिक्कत हो रही है। जलनिगम के समकक्ष अधिकारी को अवगत करा दिया है। समस्या का समाधान न होने पर टैंकरों से पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा – एसएस रौतेला, कनिष्ठ अभियंता जल संस्थान

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