चमोली : विकासखंड के अनुसूचित बहुल गांव हरिनगर लेटाल गांव आज तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। स्थिति यह है कि बीमार, गर्भवती को अस्पताल पहुंचाने के लिए डंडी-कंडी का सहारा रहता है। हरिनगर लेटाल में 80 से अधिक परिवार रहते हैं। यहां की जनसंख्या 500 से अधिक है लेकिन दशकों बाद भी इस गांव तक न तो लोक निर्माण विभाग और न पीएमजीएसवाई ने सड़क बनाने की पहल की। ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर कई वर्षों से आंदोलन कर रहे हैं। कई बार तहसील और ब्लॉक के साथ ही लोनिवि कार्यालय में भी प्रदर्शन कर चुके हैं। ग्राम प्रधान चमेली देवी का कहना है कि सड़क नहीं होने से बरसात में बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के बीमार होने पर डंडी-कंडी के सहारे तीन किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। हेम चंद्र, मुन्नाराम, आलम राम, हेमा देवी आदि का कहना है कि यदि इस बार सड़क नहीं बनी तो वे विस चुनावों में प्रतिभाग नहीं करेंगे। वहीं इस संबंध में पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता धीरेंद्र भंडारी का कहना है कि हरिनगर लेटाल के लिए मार्ग का सर्वे किया गया लेकिन बांज-बुरांश के अधिक पेड़ आने से अब एलाइनमेंट बदलना पड़ेगा। जल्द दूसरा सर्वे किया जाएगा। (एजेंसी)