राज्यसभा में फिर गूंजेगी हरिवंश की आवाज, राष्ट्रपति ने दोबारा किया मनोनीत

Spread the love

नई दिल्ली , राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का बतौर सांसद कार्यकाल आज खत्म हो रहा है। जनता दल यूनाइटेड (छ्वष्ठ) की तरफ से इस बार उन्हें राज्यसभा का टिकट नहीं दिया गया था, जिसके बाद यह लगभग तय माना जा रहा था कि उच्च सदन से उनकी विदाई हो जाएगी। लेकिन ऐन मौके पर एक ऐसा बड़ा उलटफेर हुआ है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है। सियासी पारी खत्म होने की अटकलों के बीच हरिवंश को अब एक और कार्यकाल का शानदार तोहफा मिल गया है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने कोटे से किया मनोनीत
उच्च सदन से विदाई की चर्चाओं के बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरिवंश को अपने कोटे से राज्यसभा सांसद मनोनीत कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। इस बड़े फैसले के बाद अब यह पूरी तरह से साफ हो गया है कि अगले छह साल तक राज्यसभा में हरिवंश की आवाज पहले की तरह गूंजती रहेगी। बतौर राज्यसभा सांसद यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा। गौरतलब है कि संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत राष्ट्रपति को साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 12 हस्तियों को राज्यसभा के लिए मनोनीत करने का अधिकार है।
नीतीश के करीबी रहे हरिवंश का ऐसा रहा है सफर
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के जयप्रकाश नगर के रहने वाले हरिवंश पेशे से एक जाने-माने पत्रकार रहे हैं। उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता था। इसी के चलते जेडीयू ने उन्हें पहली बार अप्रैल 2014 में उच्च सदन भेजा था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें लगातार दूसरी बार भी राज्यसभा का टिकट दिया, लेकिन इस बार तीसरे कार्यकाल के लिए उनका पत्ता कट गया था। सबको लगा कि अब उनका संसदीय सफर खत्म हो गया है, लेकिन ठीक आखिरी वक्त पर केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति कोटे से उन्हें मनोनीत करवा कर बड़ा सरप्राइज दे दिया।
क्या लगातार तीसरी बार भी बनेंगे उपसभापति?
हरिवंश ने उच्च सदन के संचालन में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई है। वह पहली बार 9 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 14 सितंबर 2020 को उन्हें लगातार दूसरी बार इस अहम पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब जबकि राष्ट्रपति कोटे से उन्हें राज्यसभा में तीसरा कार्यकाल मिल गया है, तो सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या हरिवंश को लगातार तीसरी बार भी उपसभापति की कुर्सी पर बिठाया जाएगा? फिलहाल सभी की निगाहें इसी बात पर टिकी हुई हैं।
00

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *