बेस अस्पताल में प्रतिदिन बढ़ रहे हार्ट व ब्रेन स्ट्रोक के मरीज
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सर्द मौसम दिल व दिमाग पर भारी पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से बेस अस्पताल में हार्ट व ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यही नहीं अस्थमा के मरीजों के लिए यह मौसम जानलेवा साबित हो सकता है। लगातार बढ़ रही ठंड में चिकित्सक मरीजों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में पिछले दस दिन से ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर में कोहरे के साथ ही शीतलहर आमजन की परेशानी बढ़ा रही है। ऐसे में लगातार बढ़ रही ठंड दिल व दिमाग पर भारी पड़ रही है। पिछले एक सप्ताह से राजकीय बेस चिकत्सालय कोटद्वार के साथ ही निजी अस्पतालों में हृदय रोग के साथ ही अस्थमा पीड़ितों की संख्या बढ़ने लगी है। साथ ही ब्रेन स्ट्रोक के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक ठंड के मौसम में सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं। यह मौसम सबसे अधिक घातक दिल व दिमाग के मरीजों के लिए है।
सिकुड़ जाती हैं धमनियां
ठंड बढ़ने के कारण रक्त गाढ़ा हो जाता है, जिसका सीधा असर धमनियों में रक्त प्रवाह पर पड़ता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। जिससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा पैदा हो जाता है। चिकित्सकों ने बताया कि ठंड के इस मौसम में सुबह की गश्त सेहत पर भारी पड़ सकती है। बताया कि तीस वर्ष की आयु से अधिक के सभी लोगों को ठंड से बचना चाहिए।
इन बातों का रखे ध्यान
1. घर से बाहर निकलते हुए पर्याप्त कपड़े पहन कर ही निकलें।
2. संतुलित, पोषक और ताजा भोजन खाएं। नमक का सेवन कम करें।
3. अस्थमा के मरीजों के लिए कोहरा घातक साबित होता है। अस्थमा के मरीजों को कोहरा में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
4. हृदय रोगी नियमित दवा लेते रहें।
5. रक्तचाप के रोगियों को भी लगातार दवा लेती रहती चाहिए।
6. ठंडी चीजों का सेवन करने से बचें।