जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कोटद्वार में दुकान का नाम बदलने को लेकर हुआ विवाद धीरे-धीरे शांत होने लगा था। लेकिन, एक दिन पूर्व ही हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने दीपक के विरोध में कोटद्वार कूच करने की वीडिया सोशल मीडिया में वायरल कर मामले को दोबारा तूल दे दिया। गुरुवार को कौड़िया चैक पोस्ट के साथ ही शहर की अन्य सीमाओं पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया। देर शाम तक भी हिंदू संगठनों से जुड़े पदाधिकारी कोटद्वार नहीं पहुंचे।
दरअसल, 26 जनवरी को कोटद्वार में एक दुकान का नाम बदलने को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता कोटद्वार पहुंचे और दीपक कुमार के जिम में घुसने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने किसी तरह मामले को संभाला। इसके बाद मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने लगा। करीब एक सप्ताह पूर्व भीम आर्मी चीफ व सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी कोटद्वार पहुंचकर दीपक को समर्थन देने की बात कही। इसके बाद कौड़िया चेक पोस्ट पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया। उस दिन चंद्रशेखर तो नहीं पहुंचे लेकिन, उन्होंने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष को भेज दीपक तक अपना संदेश पहुंचाया। इसके बाद धीरे-धीरे मामला शांत होने लगा था। लेकिन, एक दिन पूर्व ही ऋषिकेश निवासी हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने दीपक कुमार के विरोध में गुरुवार दोपहर तीन बजे कोटद्वार पहुंचने की चेतावनी दी। इसके बाद विभिन्न हिंदू संगठनों के लोगों ने भी कोटद्वार आने की बात कही। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित कौड़िया चेक पोस्ट के साथ ही अन्य सीमाओं पर पुलिस फोर्स तैनात किया गया। पुलिस अधिकारी स्वयं मौके पर डटे हुए थे। हालांकि, हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा जब कोटद्वार के लिए निकल रहे थे तो ऋषिकेश पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। देर शाम तक पुलिस ने कौड़िया चैक पोस्ट के साथ ही दीपक के जिम के समीप भी डेरा डाला हुआ था।