उत्तरकाशी। बीते रविवार देर शाम से सोमवार सुबह तक गंगोत्री यमुनोत्री धाम सहित हर्षिल घाटी और जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हुई। वहीं निचले इलाकों में हुई बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट देखने को मिली। बर्फबारी के बाद सेब और अन्य फसलों के काश्तकारों के चेहरे खिल उठे हैं। उनका कहना है कि मार्च में बारिश और बर्फबारी फसल के पैदावार के लिए उपयोगी साबित होती है।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में करीब सात से आठ इंच बर्फ जमी हुई है। साथ ही हर्षिल और जनपद के गीठ, मोरी आदि के ऊंचाई वाले गांव में लगभग तीन से चार इंच बर्फ गिरी। निचले इलाकों में रविवार देर रात हुई बारिश के बाद सोमवार को दिनभर बादल छाए रहे। इस कारण तापमान में भारी गिरावट देखने को मिली है। मार्च माह में हुई इस बारिश और बर्फबारी का लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। क्योंकि बारिश न होने के कारण फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। अब काश्तकारों को राहत मिली है। इस बर्फबारी के बाद गंगोत्री यमुनोत्री धाम सहित हर्षिल घाटी सफेद चादर में बहुत ही खूबसूरत दिख रहा है।