राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही अन्य मार्गों पर खड़े रहते हैं भारी वाहन
सुबह की सैर पर निकलने वालों को बना रहता है दुर्घना का खतरा
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लगता है वाहन चालकों के लिए नियम कानून कोई मायने नहीं रखते। तभी तो जिसका जैसा मन आया वह सड़क पर वाहनों को खड़ा कर चलता बन रहा है। सबसे अधिक अव्यवस्था रात के समय बनी रहती है। ऐसे में सुबह की सैर पर निकलने वालों को दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। घर के पार्क के लिए जाने वाले लोगों को बीच सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। पूर्व में हुए हादसों के बाद भी सिस्टम लापरवाह बना हुआ है।
गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में सैर के लिए कोई चिह्रित स्थान नहीं है। ऐसे में शहरवासियों की मजबूरी है कि वह सड़क पर ही सुबह की सैर के लिए निकलते हैं। कई लोग सुबह-सुबह बच्चें को लेकर पार्क की ओर जाते हुए भी दिखाई देते हैं। लेकिन, सड़कों पर बनी अव्यवस्था इन लोगों के जीवन पर कब भारी पड़ जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता। दरअरसल, कौड़िया से झंडाचौक, झंडाचौक से बुद्धा पार्क तक भारी वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं। ऐसे में सैर पर जाने वालों को बीच राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। कुछ वर्ष पूर्व मैक्स वाहन ने सिद्धबली की ओर से आ रहे एक व्यक्ति को टक्कर मार दी थी। व्यक्ति को उपचार के लिए राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार में पहुंचाया गया। वहीं, पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग पर दौड़ रहे दो युवकों को भी मैक्स ने टक्कर मार दी थी। जिसमें घायल युवकों को हायर सेंटर रेफर किया गया था। इसी तरह की घटनाओं का प्रतिदिन अंदेशा बना रहता है।
लगातार उठती रहती है मांग
स्टेशन के बजाय राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेतरतीब तरीके से खड़ी बसों को हटाने के लिए शहरवासी कई बार अधिकारियों को पत्र दे चुके हैं। लेकिन, जिम्मेदार सिस्टम मूकदर्शक बना हुआ है। स्थिति देखकर लगता है कि सिस्टम को किसी बड़े हादसें का इंतजार है। जबकि, कई स्थानों पर रात के समय यह वाहन नजर नहीं आते। जिससे दोपहिया वाहन चालक इससे टकरा जाते हैं। कुछ माह पूर्व देवी रोड में सड़क किनारे खड़ी एक बस से स्कूटी टकरा गई थी। जिसमें स्कूट चालक की मौत हो गई थी।