जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : क्षेत्रवासियों की दशकों से चली आ रही लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण की मांग को उच्च न्यायालय ने हरी झंडी दे दी। मार्ग निर्माण पर लगाए गए स्टे को हटाते हुए उच्च न्यायालय ने इसके निर्माण की स्वीकृति दी है। मार्ग निर्माण की स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रवासियों ने खुशी व्यक्त की है। कहा कि मार्ग निर्माण से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
मालूम हो कि स्थानीय जनता पिछले कई दशकों से मार्ग निर्माण की मांग उठा रही थी। इसके लिए चिल्लरखाल में पिछले कई माह से स्थानीय लोग धरना भी दे रहे थे। यहीं नहीं समय-समय पर शहर में आक्रोश रैली भी निकाली जाती थी। गुरुवार को उच्च न्यायालय के आदेश से मार्ग निर्माण को अब हरी झंडी मिल गई है। न्यायालय की ओर से दिए गए निर्णय का विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने स्वागत किया है। कहा कि प्रदेश सरकार मार्ग निर्माण के लिए तत्पर होकर कार्य कर रही थी। यह मार्ग निर्माण होने से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि स्थानीय जनता पिछले लंबे समय से मार्ग निर्माण की मांग उठा रही थी। प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय में मार्ग निर्माण को लेकर पुख्ता पैरवी की। यही कारण है कि आज उच्च न्यायालय ने मार्ग निर्माण को हरी झंडी दिखाई है। कहा कि लगभग 11.3 किलोमीटर लंबी इस सड़क से 4.7 किलोमीटर का हिस्सा सेंट्रल फारेस्ट एरिया से होकर गुजरता है, जिसके कारण निर्माण कार्य में बाधाएं उत्पन्न हो रही थी। लेकिन, अब इस मार्ग से 18 गांव के चालीस हजार से अधिक आबादी जुड़ेगी।