कोटद्वार का अतिक्रमण : हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, नगर निगम जल्द हटा सकता है अतिक्रमण

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : नगर निगम कोटद्वार में किए गए पक्के अतिक्रमण अब जल्द ही हट सकते हैं। हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के नगर आयुक्त कोटद्वार के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। जिससे आने वाले दिनों में कोटद्वार की सड़कों पर भी अतिक्रमण के खिलाफ जेसीबी चल सकती है। यदि ऐसा होता है तो जल्द ही कोटद्वार को चौड़ी सड़कों के साथ फुटपाथ भी नसीब हो पाएंगे।
हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकत्र्ताओं ने कहीं यह तथ्य नहीं दिए हैं कि उनके द्वारा नजूल भूमि के फुटपाथ पर अतिक्रमण नहीं किया गया है। नगर आयुक्त ने हाईकोर्ट के जनहित याचिका पर दिए गए फैसले के आधार पर ही जांच एवं नोटिस जारी किए गए। साथ ही अतिक्रमणकारियों को सुनवाई का अवसर भी दिया गया। इसलिए याचिकाकत्र्ताओं की यह बात कि नगर आयुक्त द्वारा उनका पक्ष नहीं सुना गया निराधार है। याचिकाकत्र्ताओं का यह कथन भी गलत है कि पहले सुनवाई की तिथि 25 मार्च रखी गई थी और बाद में इसे 23 मार्च कर दिया गया। नोटिस में स्पष्ट है कि सुनवाई की तिथि 23 मार्च ही थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह स्पष्ट है कि नगर निगम के अधिकारियों द्वारा किसी गलत नियत से याचिकाकत्र्ताओं को अतिक्रमण हटाने के लिए नहीं कहा गया है, ऐसे में किसी प्रशासनिक आदेश को रिव्यू करने का स्कोप अदालत के पास बहुत कम हो जाता है। ऐसे में इस आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई भी कारण नहीं बनता है।

कुछ लोग खुद से हटाने लगे हैं अतिक्रमण
कुछ दिन पहले नगर निगम ने शहर में अनाउंसमेंट कर खुद से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी। जिस पर अमल करते हुए कुछ लोगों ने अतिक्रमण हटाना शुरू भी कर दिया है। झंडाचौक से नगर निगम की ओर आने वाले मार्ग पर लोग खुद ही पक्के अतिक्रमण को तुड़वा रहे हैं।

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नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने को लेकर जारी नोटिस के खिलाफ कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने सुनवाई न करने व पर्याप्त समय न देने समेत कई आरोप लगाए थे। हालांकि, हाईकोर्ट ने याचिका को निरस्त कर दिया है।
किशन सिंह नेगी, नगर आयुक्त, नगर निगम कोटद्वार।

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