उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ते नशे एवं मोबाइल फोन की लत पर जताई गंभीर चिंता

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श्रीनगर गढ़वाल : हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर युवा एवं सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण: विकसित भारत @2047 थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा भी दिलाई गई। बतौर मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा को राष्ट्रीय विकास के लक्ष्यों के अनुरूप बनाया जाएगा।
मंगलवार को चौरास परिसर स्थित स्वामी मनमंथन प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ता नशा एवं मोबाइल फोन की लत पर गंभीर चिंता जताई। कौशल आधारित शिक्षा को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों से जोड़ने तथा सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को वर्ष 2035 तक 35 प्रतिशत तक पहुंचाने पर बल दिया। डा. रावत ने विश्वविद्यालय की रैकिंग सुधार के लिए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। विशिष्ट अतिथि प्रो. समीर आनंद ने विकसित भारत @2047 के संदर्भ में डेटा क्रांति की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए जिज्ञासा, करुणा एवं साहस पर बल दिया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. अभिषेक टंडन ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) के अनुरूप सुदृढ़ स्र्टाटअप को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन में कमी के उपाय एवं सुझाव बताए। प्रो. टंडन ने दिल्ली विश्वविद्यालय की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को गढ़वाल विवि में अपनाने का प्रस्ताव रखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने मेक इन इंडिया के बजाय मैक इंडिया का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम डॉ. राकेश नेगी ने किया। कार्यक्रम में डीन रिक्रूटमेंट प्रो. मोहन पंवार, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी गुसांई, निदेशक चौरास कैंपस प्रो. आरएस नेगी आदि मौजूद थे। (एजेंसी)

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