नई टिहरी()। लंबे इंतजार के बाद टिहरी जिले की तीन सिंचाई नहरों की मरम्मत होने की उम्मीद जगी है। नहरें क्षतिग्रस्त होने के कारण काश्तकारों को सिंचाई में दिक्कत होती है। जर्जर नहरों की मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग को लगभग डेढ़ करोड़ की वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आगामी अप्रैल से नहरों पर पुनर्निर्माण कार्य शुरू होगा। जाखणीधार ब्लॉक के कठूली नहर पिछले तीन-साल से क्षतिग्रस्त थी। सिंचाई करने के लिए खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था जिससे काश्तकारों को दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा था। स्थानीय लोग लंबे समय से नहर मरम्मत करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर दबाव बनाए हुए थे लेकिन विभागीय अधिकारी बजट का अभाव बताकर पल्ला झाड़ते आ रहे थे। प्रतापनगर ब्लॉक की भरपूर नहर लंबगांव-रावतगांव-बिजपुर-पनियाला सड़क निर्माण के दौरान जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। नहर में मलबा भरने से खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाना किसानों के लिए टेढ़ी खीर बनी हुई थी। जाखणीधार ब्लॉक की चौरा नहर भी लंबे समय से जर्जर बनी हुई थी। सिंचाई के अभाव में काश्तकार खेती करने में रूचि नहीं ले पा रहे थे। खेत बंजर होते जा रहे थे। नहरों की मरम्मत के लिए बजट न मिलने से काश्तकारों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा था। स्थानीय लोग जनता दरबार, तहसील दिवसों में अधिकारियों से नहरों की मरम्मत करने की गुहार लगाते आ रहे थे। लंबे इंतजार के बाद अब नहरों की मरम्मत के लिए धनराशि की स्वीकृति मिलने से काश्तकारों को बंजर खेत आबाद होने की उम्मीद जगी है।
कठूली, चौरा और भरपूर नहरों पर मरम्मत कार्य के लिए वित्तीय स्वीकृति मिली चुकी है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर जल्द क्षतिग्रस्त नहरों पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।
– गणेश प्रसाद नौटियाल, ईई सिंचाई खंड टिहरी