नैनीताल()। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार घट रहे पर्यटन कारोबार को लेकर नैनीताल के होटल एसोसिएशन ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता की। आरोप लगाया कि बगैर पंजीकरण संचालित होटल-होमस्टे और पुलिस व्यवस्था के कारण पर्यटन कारोबार गड़बड़ा रहा है। बोट हाउस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने कहा कि पर्यटन कारोबार उत्तराखंड की रीढ़ है l जिससे केवल होटल ही नहीं अन्य पर्यटन कारोबारियों की भी रोजी-रोटी चलती है l उन्होंने पर्यटन कारोबार में गिरावट के लिए मसूरी, देहरादून और गढ़वाल होटल एसोसिएशन से भी वार्ता की। पता चला कि केवल नैनीताल में ही नहीं अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में भी पर्यटन कारोबार में गिरावट आई है। पर्यटन में गिरावट का मुख्य कारण पुलिस की व्यवस्था है। जहां एक ओर सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है, वहीं पुलिस का ट्रैफिक प्लान और सोशल मीडिया पोस्ट पर्यटकों को दूर कर रहा है। बिष्ट ने कहा कि पहाड़ों में महज 50 फीसदी ही पर्यटन कारोबार रह गया है। पर्यटकों का आगमन न होने से शहर खाली पड़े हैं। सोशल मीडिया में नैनीताल पूरी तरह से पैक होने की रील भी वायरल कर दी गईं, जिस कारण भी कारोबार प्रभावित हो रहा है l कहा कि सरकार को इसका संज्ञान में लेना चाहिए। पुलिस की ओर से ट्रैफिक प्लान व्यवस्थित न होने से कारोबार में नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि बगैर पंजीकृत होटल, होमस्टे और टूर एंड ट्रैवल एजेंसियो के खिलाफ सख्ती बरती जाए l उत्तराखंड में अधिकतर होमस्टे बाहरी व्यक्ति चला रहे हैं। उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या सड़कों की खस्ताहालत भी है। सात साल बाद नैनीताल की लाइफलाइन माल रोड की मरम्मत की जा रही है। नगर पालिका द्वारा टोल टैक्स और पार्किंग शुल्क बढ़ाए जाने से भी नैनीताल में पर्यटन में गिरावट आई है। पत्रकार वार्ता में होटल एसोसिएशन नैनीताल के महासचिव वेद साह, कोषाध्यक्ष सीपी भट्ट, आलोक साह, रमनजीत सिंह, रुचिर साह, स्नेह छाबड़ा, जितेंद्र जेठी आदि मौजूद रहे l