होटल व्यवसायियों ने की सीएम से बिजली-पानी के बिल भी माफ करने की मांग

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रुद्रप्रयाग। केदार घाटी क्षेत्र के होटल एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बिजली-पानी के बिल भी माफ करने की मांग की है। उनका कहना है कि यात्रा स्थगित होने से उनका रोजगार पूरी तरह छिन गया है। बीते वर्ष भी कोरोना संक्रमण के चलते व्यापारियों का रोजगार नहीं चल सका और फिर वही स्थिति आ गई है। केदार घाटी के अस्सी फीसद परिवारों की रोजी-रोटी चारधाम यात्रा पर ही निर्भर है। ऐसे में अब बैंक का ऋण हो या फिर होटलों का विद्युत बिल व पानी का बिल देना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में केदारधाम होटल एसोसिएशन केदार घाटी ने कहा है कि देश मे कोविड-19 के प्रभाव के कारण इस वर्ष भी रोजगार की आस समाप्त हो चुकी है। केदार घाटी क्षेत्र में होटल व्यवसायी, घोड़ा, डंडी-कंडी व्यवसायी, छोटे दुकानदार, तीर्थ पुरोहित एवं रोजगार के लिए क्षेत्र में आने वाले सभी व्यापारियों की आस यात्रा स्थगित होने से समाप्त हो चुकी है। यात्रा की बुकिग तो महामारी के बढ़ते प्रभाव के चलते शुरू में ही कैंसिल हो गई थी। कहा कि सभी व्यापारियों को बैंक के ऋण की चिता फिर सताने लगी है। यहां के 50 प्रतिशत व्यापारी रोजगार के लिए बैंक से ऋण लेते हैं। पिछले वर्ष किश्त कुछ समय के लिए बढ़ गई थी, इस वर्ष भी व्यापारियों को इसी की आस है। श्री केदारधाम होटल एसोसिएशन केदारघाटी के सचिव नितिन जमलोकी ने बताया कि केदारघाटी के हर तबके के लोग यात्रा पर पूर्ण रूप से निर्भर होते हैं। सरकार से अनुरोध है कि कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण हर व्यवसायी का व्यवसाय समाप्त हो चुका है। सरकार होटल व्यावसायियों के बैंक ऋण पर फिर मोरेटोरियम लगाएं और होटल व्यावसायियों के बिजली-पानी के बिल माफ करें।

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