देहरादून। फार्मेसी के क्षेत्र में कैरियर की अपार संभावनाएं हैं। बस हमें इसमें हो रहे बदलावों और नौकरी की संभावनाओं को समझना होगा। शुक्रवार को देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने ये बात कही।
मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित इंस्टिट्यूट अफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रीसर्च पुणे के निदेशक ड़ महेश डी बुरांडे ने कहा कि भारत आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है और इसमें मुख्य योगदान देश की फार्मा कंपनियों का भी है। जिस तरह से भारत ने कोरोना महामारी का डटकर सामना किया, उसमें फार्मा क्षेत्र का योगदान काबिलेतारीफ है। कहा कि इस क्षेत्र में तेजी से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। बस हमें क्लीनिकल रीसर्च को बढ़ाने और आधुनिक बनाने की, गुणवत्ता को बेहतरीन करने की, नवीनीकरण और रचनात्मकता पर सुधार करने की जरूरत है। कहा कि फार्मा मार्केटिंग, उपभोक्ता और इंडस्ट्रियल मार्केटिंग के क्षेत्र में निपुण लोगों की तलाश है और ये तभी संभव है है जब फार्मा के छात्रों को फार्मा मार्केटिंग की बारीकियों से अवगत कराया जाए। इस अवसर पर देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर प्रीति कोठियाल, उपकुलपति ड़ आरके त्रिपाठी, डीन एकेडमिक अफेयर्स ड़ पंकज मिश्रा सहित फार्मेसी विभाग के समस्त शिक्षक उपस्थित थे।