बागेश्वर। शामा बाजार से विदेशी शराब की दुकान हटाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र कोरंगा ने इस मुद्दे को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनके समर्थन में क्षेत्र के लोग भी बड़ी संख्या में जुट रहे हैं। आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा और स्पष्ट किया कि दुकान हटने तक आंदोलन जारी रहेगा। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत भूपेंद्र कोरंगा बुधवार को रामलीला मैदान, शामा पहुंचे और समर्थकों के साथ अनशन पर बैठ गए। इस दौरान आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि पूर्व में भी दुकान हटाने को लेकर आंदोलन किया गया था, तब प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में आक्रोश है।उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन की मिलीभगत से क्षेत्र में शराब की दुकान खोली जा रही है। विकास के नाम पर क्षेत्र में शराब परोसी जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य विजया कोरंगा ने कहा कि शराब का सबसे अधिक दुष्प्रभाव महिलाओं और परिवारों पर पड़ता है। नशे के कारण कई घर बर्बाद हो चुके हैं। शामा जैसे शांत क्षेत्र में शराब की दुकान खुलना चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान ग्राम प्रधान नंदन सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य शांति देवी, पुष्पा देवी, ज्योति दानू, खष्टी कोरंगा, हेमा कोरंगा सहित करीब 60 लोग मौजूद रहे। सूचना मिलने पर एसओ प्रताप नगरकोटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जबकि तहसीलदार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।