जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : दहेज उत्पीड़न, मारपीट व गाली-गलौज के आरोपी पति, सास व ससुर को सिविल जज (जू.डि)/न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी प्रतीक्षा केसरवानी की अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। महिला की तहरीर पर पुलिस ने जनवरी 2024 में मुकदमा दर्ज किया था।
विकासखंड पाबौ निवासी एक महिला ने पुलिस को दी तहरीर में पति आशीष गुसाईं, ससुर आलम सिंह और सास गुड्डी देवी पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न व गाली-गलौज के आरोप लगाए थे। पुलिस ने 11 जनवरी 2024 को मुकदमा दर्ज किया और 12 जुलाई 2024 को मामला कोर्ट पहुंचा। पीड़िता ने अदालत को बताया कि तीन मई 2022 को उनका विवाह हुआ था। कुछ समय बाद ही सास व सुसर फिर पति ने उनके साथ मारपीट व मानसिक उत्पीड़न किया। अदालत में कई गवाहों ने घटना का स्पष्ट समर्थन नहीं किया। कुछ गवाहों के बयान आपस में विरोधाभासी मिले। अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा। अदालत ने कहा कि वैवाहिक विवादों में बिना ठोस साक्ष्य के परिजनों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इस पर अदालत ने आरोपी पति आशीष गुसाईं, ससुर आलम सिहं व सास गुड्डी देवी को दोषमुक्त कर दिया।