डीएम ने किया फरासू गांव में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शनिवार को तहसील श्रीनगर क्षेत्रांतर्गत फरासू गांव में पहुंकर बचपन (आंगनबाड़ी केंद्र में प्रगति व पोषण की उन्नत पहल) के तहत विकसित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। फरासू गांव में पहली बार जिलाधिकारी के आगमन पर ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से स्वागत किया। जिलाधिकारी ने सभी बचपन आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रतिभा दिवस आयोजित करने, स्वच्छता पाठशाला को प्रभावी बनाने, बच्चों की आयु-उपयुक्त पाठ्य सामग्री व यूनिफार्म उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए और इसके लिए सभी केंद्रों में डाइट चार्ट तैयार कर इसका पालन करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि बचपन आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जिनमें आयु-स्तर के अनुरूप शैक्षणिक सामग्री, प्रीलोडेड एजुकेशनल मटीरियल से युक्त स्मार्ट टीवी, खेल-आधारित शिक्षण सामग्री, फ्लैश कार्ड, बच्चों के बैठने हेतु टेबल-कुर्सियां, बाहरी गतिविधियों के लिए फिसलपट्टी, धुआँमुक्त रसोई, उच्च गुणवत्ता वाला भोजन, स्वच्छ पेयजल और विद्युत जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रथम चरण में शामिल अन्य 60 आंगनबाड़ी केंद्रों को इसी मॉडल पर विकसित करें, ताकि बच्चों को वैज्ञानिक तरीके से, आधुनिक, सुरक्षित और पोषणयुक्त वातावरण में सीखने का अवसर मिल सके। साथ हीं आधुनिक शैक्षिक सामग्री के माध्यम से बच्चों को मनोरंजक तरीके से, खेल-खेल में और अधिक वैज्ञानिक पद्धति से सीखने की आदत विकसित करने का प्रयास सुनिश्चित किया जाए। इस दैरान डीएम ने गांव की गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं माताओं को प्राप्त हो रही सरकारी योजनाओं की स्थिति भी जानी और धुआँमुक्त रसोई में बनें भोजन से एक बच्चे का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न करवाया। कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, सहायक नगर आयुक्त गायत्री बिष्ट, तहसीलदार दीपक भंडारी, पार्षद विजय चमोली, आंगनबाड़ी कार्यकत्री अनिता देवी सहित ग्रामवासी उपस्थित थे।
गांव के प्रवेश द्वार पर लगेगा हैंडपंप
ग्रामीणों की पेयजल समस्या पर ज्ञापन प्राप्त करते हुए जिलाधिकारी ने नगर निगम वार्ड-2 फरासू गांव की पेयजल लाइन को डेढ़ इंच से बढ़ाकर ढाई इंच करने हेतु प्रस्ताव पर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने गांव के नलों में पेयजल आपूर्ति का निरीक्षण किया और प्रवेश द्वार पर नया हैंडपंप स्थापित करने के निर्देश जल संस्थान को दिए।