पिथौरागढ़। नेशनल सेंटर फॉर सेल साइंस पुणे के वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिका में एक नई कवक प्रजाति की खोज की है। इस प्रजाति का नाम ल्यूकोन्यूरोस्पोरा भारतीएंसिस रखा गया है। इस खोज में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्रा गंगा रावत ने भी अहम योगदान दिया है। बचपन से ही विज्ञान के प्रति रुचि रखने वाली गंगा रावत वर्ष 2022 में विज्ञानशाला के स्टेम चैंपियन प्रोग्राम का हिस्सा बनी। अपने कठिन परिश्रम और विज्ञानशाला के मेंटर्स के दिशा निर्देश पर गंगा ने फेर्गुसन कॉलेज पुणे में एमएससी बायो-कैमिस्ट्री में प्रवेश प्राप्त किया, जिससे इस शोध में कार्य करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।पढ़ाई के दौरान 5 मई से 5 जुलाई 2024 तक एनसीसीएस पुणे में गंगा रावत को प्रशिक्षु के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने फंगल नमूनों के विश्लेषण में सहायता की और निष्कर्षों को और समृद्ध किया। इस खोज के पीछे की टीम में डॉ. अविनाश शर्मा, डॉ. रामेश्वर अवचार और नम्रता जिया के साथ ही गंगा रावत भी शामिल हैं। यह खोज अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका “फंगल सिस्टमैटिक्स एंड इवोल्यूशन”, वॉल्यूम 14, दिसंबर 2024 में प्रकाशित हुई है। गंगा के इस कार्य हेतु डॉ. अविनाश शर्मा को इस शोध परियोजना में उनके नेतृत्व और दूरदर्शिता के लिए, रामेश्वर अवचार और नम्रता जिया को पूरे अध्ययन के दौरान उनके मार्गदर्शन और सलाह के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। साथ ही गंगा रावत द्वारा डॉ दर्शना जोशी, डॉ विजय वेणुगोपालन, डॉ अनुशीला चटर्जी, डॉ अतुल गोपाल, श्रीजीत श्रीनिवासन, भुवन जोशी और विज्ञानशाला इंटरनेशनल को उनके निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के लिए सभी का आभार जताया है। उनकी इस उपलब्धि पर बेरीनाग महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर वी एम पांडेय सहित महाविद्यालय में गंगा रावत के मेंटर असिस्टेन्ट प्रोफेसर डॉक्टर बालम सिंह बिष्ट, डॉ जे.एन. पंत, डॉ मीनाक्षी गोस्वामी, डॉ बीना लोहिया और विज्ञान शाला समन्वयक दीपमाला रावल ने खुशी व्यक्त की है।