रुद्रपुर(। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन रविवार को रुद्रपुर रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में फार्मेसी अधिकारी शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रखने में फार्मेसी अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिवेशन का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तराखंड एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश बनवासी कल्याण आश्रम के क्षेत्र संगठन मंत्री डालचंद, अति विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र भट्ट और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने दीप जलाकर किया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रखने में फार्मेसी अधिकारियों की भूमिका अहम है। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी वाले समय में फार्मासिस्टों ने चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। दुर्गम क्षेत्रों में जहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, वहां फार्मेसी अधिकारी ही आपातकालीन एवं सामान्य चिकित्सकीय सेवाएं संभाल रहे हैं। एक्सीडेंट, मेला ड्यूटी, संक्रामक रोग नियंत्रण, पोस्टमार्टम, मेडिकोलीगल, पुलिस भर्ती, चारधाम यात्रा, कांवड़ मेला, मेला दौड़, टीकाकरण अभियानों सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां फार्मेसी अधिकारी निभा रहे हैं। मुख्य अतिथि डालचंद ने एसोसिएशन के कार्यों की सराहना की। संगठन ने दर्जाधारी भट्ट और डॉ. सुनीता टम्टा को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। भट्ट ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने और मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।