कलयुग में मनुष्य तनाव और अशांति में जी रहा : मंमगाई

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : शारदीय नवरात्र महामहोत्सव पर सिद्धपीठ भुवनेश्वरी में धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालु बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। यहां नवरात्र के शुरूआत से ही एक साथ तीन पुराणों का आयोजन पहली बार किया जा रहा है
भुवनेश्वरी मंदिर में भागवत कथा करते हुए आचार्य विनोद मंमगाई ने कहा कि भगवान अशांत जीवन को शांत बना देते है। कलियुग में मनुष्य बहुत ज्यादा तनाव में और अशांति में जी रहा है, कोई तन दु:खी कोई मन दु:खी तो कोई धन बिन रहत उदास, थोड़े-थोड़े सब दु:खी, लेकिन सुखी राम के दास कहते हुए उन्होंने कहा कि संसार में सब आनंद ही चाहते हैं, लेकिन आनंद किसी को नहीं मिल पा रहा, क्योंकि आनंद मिल गया होता तो भागदौड़ ही समाप्त हो जाएगी। जैसे सारी नदियां समुद्र की तरफ भाग रही है उसी प्रकार आनंद रूप कृष्ण के सब अंश है। इसलिए सब आनंद पाने के लिए भाग रहे हैं। कहा कि भौतिक उपलब्धियां और धन आदि पाने के बाद भी मनुष्य अशांत ही रहता है क्योंकि मनुष्य का मन शांति के धाम भगवान में नहीं लगता।

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