अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा है कि प्रदेश सरकार सहकारिता क्षेत्र में मनमानी कर रही है। इससे जुड़े साधन सहकारी समितियों के कंप्यूटराइजेशन के काम में लोगों को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। हर समिति में 5 लाख 60 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बाद नेट आदि के खर्त की जिम्मेदारी भी समितियों पर थोपी जा रही है।
तिवारी ने कहा कि दो दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित साह ने सहकारी समितियों के लिए की जा रही इस पहल का उद्घाटन भी किया है। कहा है कि यह देश के रोल मडल बनेगी। लेकिन धरातल में इसको लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। सरकार विशेष तौर पर प्रदेश के सहकारिता मंत्री को जनता को इस मामले में स्थिति साफ करनी चाहिए। उन्होंने अल्मोड़ा जिले में 77 समितियां हैं। इनसे डेढ़ लाख से अधिक शेयर धारक जुड़े हुए हैं। इनके लिए की जा रही नई व्यवस्था से पहले इनको विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। अभी तक केवल 86 हजार से अधिक के एक कंप्यूटर समितियों को जरुर मिला है। तिवारी ने कहा कि इसको लेकर पहले भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा चुकी है लेकिन सरकार मौन बनी है। तिवारी ने जिला सहकारी बैंकों में नेटवर्किंग के लिए नई संस्था से अनुबंध किया जा रहा है। बैंक कर्मियों के साथ ही अवकाश प्राप्त वरिष्ठ अधिकारी भी नई पहल को गैरवाजिब बता रहे हैं। उनका कहना है कि नई व्यवस्था साइबर सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता नहीं है। तिवारी ने कहा है कि आखिर सरकार सहकारिता क्षेत्र में इससे जुड़े लोगों को विश्वास में लेने के बजाय एक पक्षीय फैसला ले रही है। समय रहते इस को लेकर स्थिति साफ नहीं की गई तो पार्टी आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगी। इस मौके पर केंद्रीय महामंत्री आनंदी वर्मा, गोपाल राम, हीरा देवी, राजू गिरी, लीला आर्या, अनीता बजाज, चंपा सुयाल आदि मौजूद रहे।