लाठीचार्ज केस में उच्चस्तरीय जांच टीम का दावा, सबसे ज्यादा पटना के कार्यकर्ताओं पर बरसीं लाठियां

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पटना , एजेंसी। 13 जुलाई को पटना में भारतीय जनता पार्टी (इखढ) के विधानसभा पैदल मार्च के दौरान बेरहमी से लाठीचार्ज किए जाने की तस्वीरों और वीडियो के बाद अब भाजपा की उच्चस्तरीय जांच टीम ने घायल होने वालों के आंकड़े जारी किए हैं। चोटिल और ज्यादा चोटिल के रूप में इन्हें वर्गीकृत किया गया है। कुल 771 भाजपाई घायल हुए हैं, जिनमें ज्यादा चोटिल हुए लोगों की संख्या 369 है। आर्थिक संपन्नता से लेकर कोविड से मौत तक में आगे रहे पटना वाले बिहार पुलिस से लाठी खाने में भी आगे रहे हैं। पटना को टक्कर खगड़िया जिला के भाजपा कार्यकर्ताओं ने दी है। वैसे, बिहार पुलिस ने ज्यादा चोट सारण वालों को लगाई है।
दिल्ली से जांच के लिए आई चार सदस्यीय टीम ने एक रिपोर्ट तैयारी की है। टीम के सदस्य और भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि 13 जुलाई को प्री प्लांड तरीके के सबकुछ को अंजाम दिया। महागठबंधन सरकार ने पहले से ही तय कर लिया था कि कुछ भी हो जाए भाजपा नेताओं के आंदोलन को बर्बर तरीके के कुचला जाए। हमारे 771 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 45 लोगों से गहनता से पूछताछ कर मामले की जानकारी ली गई। इसमें जो तथ्य सामने आए, उसने महागठबंधन सरकार की पोल खोल दी। बिहार सरकार ने साजिश के तहत भाजपा के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की है। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।

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