अल्मोड़ा। भैसियाछाना ब्लाक के रीठागाड़ क्षेत्र में उच्च शिक्षा की सुविधा मुहया कराने की मांग लंबे समय से की जा रही है। क्षेत्र के विकास व जनहित से जुड़े मुददों को लेकर संघर्ष करने के लिए बनी रीठागाड़ी दगड़ियों संघर्ष समिति ने इसको लेकर आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि जनसंघ के जमाने से भाजपा से नेता रहे पूर्व विधायक गोविंद सिंह बिष्ट वकील के गृह क्षेत्र की भाजपा सरकार में उपेक्षा हो रही है। इसको सहन नहीं किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने कहा है कि भैसियाछाना ब्लाक का यह क्षेत्र जिले का सीमांत क्षेत्र है। उच्च शिक्षा सहित अन्य मांगों को लेकर समिति ने गत वर्ष जनवरी माह में आंदोलन भी चलाया था। 10 जनवरी 2020 को आंदोलन के दौरान कनारीछीना में धरना प्रदर्शन कर चक्का जाम किया था। इससे अल्मोड़ा-बेरीनाग मोटर मार्ग में घंटों वाहनों में जाम की स्थिति बनी थी। इस से परेशान प्रशासन के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने सभी न्यायोचित मांगों को लेकर शासन स्तर से कार्रवाई की आश्वासन देते हुए आंदोलन स्थगित कराया था लेकिन इसके बाद आज तक कोई सकारात्म पहल नहीं हुई है। यही नहीं भाजपा की इस बार की सरकार के पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने अपने अल्मोड़ा दौरे में रीठागाड़ में महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। जोकि आज तक धरातल में नहीं आ सकी है। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक बिष्ट का जनसंघ के लेकर भाजपा को खड़ा करने में अहम भूमिका रही है। उनके गृहक्षेत्र की ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए। अन्यथा की स्थिति में समिति एक बार फिर से सड़कों में उतरने को बाध्य होगी।