त्रियुगीनारायण में मूर्धन्य वक्ता भारतीय विवाह पर देगें व्याख्यान

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रुद्रप्रयाग : त्रियुगीनारायण में 19 मार्च को उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा एक दिवसीय विशेष व्याख्यानमाला आयोजित की जाएगी, जिसमें संस्कृत भाषा के मूर्धन्य वक्ता मौजूद रहेंगे। वक्ता भारतीय विवाह संस्कार एवं दाम्पत्य मर्यादा का महत्व एवं वर्तमान में इसकी प्रासंगिकता पर परिचर्चा करेंगे। संस्कृत शिक्षा के सहायक निदेशक एवं कार्यक्रम संयोजक एमआर मैंदुली ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय विवाह संस्कार एवं दाम्पत्य मर्यादा का महत्व एवं वर्तमान में इसकी प्रासंगिता विषय को लेकर त्रियुगीनारायण में एक दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कहा कि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार सम्पूर्ण क्षेत्रों में भारतीय संस्कारों की महत्ता, संस्कृत वांड्मय में समाविष्ट ज्ञान-विज्ञान को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। देववाणी संस्कृत के प्रचार प्रसार एवं संर्वद्धन के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। जबकि वक्ताओं द्वारा भारतीय विवाह संस्कार की महत्ता पर व्याख्यान दिए जाएंगे। उन्होंने उत्तराखंड के प्रबुद्धजनों से कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का आह्वान किया है। (एजेंसी)

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