उडुपी (कर्नाटक),प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उडुपी में श्री कृष्ण मठ में लक्ष कंठ गीता पारायण कार्यक्रम शामिल हुए. उन्होने भगवत गीता के श्लोक पढ़ने के बाद भारतीय जनता पार्टी की पिछली पार्टी, जनसंघ के गुड गवर्नेंस मॉडल की तारीफ की. वहीं, इससे पहले पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान एक लाख से ज्यादा लोगों के साथ एक सुर में भगवत गीता पढ़ी, जिसमें छात्र, साधु, विद्वान और अलग-अलग तरह के लोग शामिल हुए.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के पूर्व विधायक वीएस आचार्य के उडुपी में किए गए काम को याद किया. उन्होंने कहा कि उडुपी आना मेरे लिए बहुत खास है. उडुपी जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के अच्छे शासन के मॉडल की कर्मभूमि रही है. 1968 में, उडुपी के लोगों ने जनसंघ के वीएस आचार्य को उडुपी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए चुना था. इसके साथ ही, उडुपी ने एक नए शासन मॉडल की नींव रखी. आज हम जो सफाई अभियान देख रहे हैं, उसे उडुपी ने पांच दशक पहले अपनाया था. उडुपी ने 70 के दशक में पानी की सप्लाई और ड्रेनेज सिस्टम का एक मॉडल बनाना शुरू किया था.
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया ने भारत की दिव्यता देखी, जब एक लाख लोगों ने भगवत गीता के श्लोक पढ़े. प्रधानमंत्री ने कहा कि जब एक लाख लोग श्लोक पढ़ते हैं और दिव्य शब्द एक जगह गूंजते हैं, तो जो एनर्जी निकलती है, वह हमारे मन और शरीर को नई ताकत देती है. यह एनर्जी आध्यात्मिकता और सामाजिक एकता के पीछे की शक्ति है. गुजरात में उडुपी और द्वारका के बीच कनेक्शन बताते हुए, पीएम मोदी ने मठ के संस्थापक जगद्गुरु माधवाचार्य की तारीफ की.
उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले, मैं गीता की धरती कुरुक्षेत्र में था, और आज मैं भगवान कृष्ण के आशीर्वाद के साथ जगद्गुरु माधवाचार्य की धरती पर आ रहा हू, जिससे मुझे बहुत खुशी मिली है. मेरा जन्म गुजरात में हुआ था, और गुजरात और उडुपी का गहरा रिश्ता रहा है. ऐसा माना जाता है कि द्वारका में माता रुमिनी भगवान कृष्ण की मूर्ति की पूजा करती थीं, जिसे बाद में जगद्गुरु माधवाचार्य ने यहां स्थापित किया था. पिछले साल, मैं समुद्र के नीचे द्वारका गया था. यहां कृष्ण की मूर्ति के दर्शन ने मुझे एक रूहानी और आध्यात्मिक अनुभव दिया है.
अपने भाषण के दौरान, पीएम मोदी ने ड्यूटी पर तैनात अपने सिक्योरिटी और पुलिस वालों से बच्चों की बनाई पेंटिंग्स उनके लिए इक_ा करने को भी कहा. जगद्गुरु माधवाचार्य वंश के 30वें पुजारी सुगुनेंद्र तीर्थ स्वामीजी ने प्रधानमंत्री को रक्षा कवच और मोर पंख वाला हेडगियर देकर सम्मानित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने पाठ से पहले उडुपी में श्री कृष्ण मठ में संतों से बातचीत की.
प्रधानमंत्री ने कृष्ण गर्भगृह के सामने स्थित सुवर्ण तीर्थ मंडप का भी उद्घाटन किया और पवित्र कनकना किंडी के लिए कनक कवच (सोने का आवरण) समर्पित किया, यह एक पवित्र खिड़की है जिसके ज़रिए माना जाता है कि संत कनकदास ने भगवान कृष्ण के दिव्य दर्शन किए थे. प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से बताया गया कि उडुपी में श्री कृष्ण मठ की स्थापना 800 साल पहले वेदांत के द्वैत दर्शन के संस्थापक श्री माधवाचार्य ने की थी.
कार्यक्रम में शामिल होने से पहले पीएम मोदी ने उडुपी में एक रोड शो किया. इस दौरान राज्यपाल थावरचंद गहलोत, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और मंत्री बृहति सुरेश भी कार्यक्रम में शामिल रहे.
प्रधानमंत्री मोदी लक्ष कंठ गीता पारायण प्रोग्राम में शामिल हुए. यह एक भक्ति सभा है जिसमें 1,00,000 लोगों ने भाग लिए. इसमें स्टूडेंट्स, साधु, जानकार और अलग-अलग तरह के लोग थे. इन सभी लोगों ने पीएम मोदी के साथ मठ में श्रीमद् भगवद् गीता का पाठ किया.
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को देखते हुए कड़ी पुलिस सुरक्षा की गई है. डीएसपी हरिराम शंकर ने बताया कि 3000 से ज्यादा पुलिसवाले तैनात किए गए हैं. 10 पुलिस कमिश्नरों समेत 8 से ज्यादा जिलों के पुलिसवालों को तैनात किया गया है. पूरा उडुपी शहर भगवा झंडों और झंडियों से पटा पड़ा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के मद्देनजर ट्रैफिक सिस्टम में बदलाव किए गए हैं. उडुपी डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर स्वरूप टीके ने कहा कि उडुपी शहर, मालपे और मणिपाल पुलिस स्टेशन की सीमा में सभी आंगनवाड़ी, प्राइमरी और हाई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है.