जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जंगली जानवरों द्वारा काश्तकारों की फसल को नुकसान पहुंचाने के एवज में मिलने वाली राशि में बढ़ोत्तरी करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर नागरिक मंच ने वन विभाग को ज्ञापन दिया। कहा कि काश्तकारों के हितों को लेकर वन विभाग को गंभीरता से कार्य करना चाहिए।
समस्याओं के संबंध में नागरिक मंच के प्रतिनिधि मंडल ने लैंसडौन वन प्रभाग के वनाधिकारी आकाश गंगवार से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग, किसानों की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने और जनहानि होने पर मुआवजे की राशि बढ़ाने सहित कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। नागरिक मंच के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश नैथानी ने कहा कि लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग का कार्य ठप पड़ा हुआ है, जिस कारण उक्त मार्ग पर आवागमन करना कठिन हो रहा है। नागरिक मंच ने जंगली जानवरों के माध्यम से किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने पर चर्चा की। कहा कि वर्तमान में जंगली जानवर बड़ी मात्रा में आबादी के क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे है। जंगली जानवर किसानों की गेहूं की खड़ी फसल को चट कर जा रहे है, जिससे किसानों को खासा नुकसान हो रहा है। वन विभाग से जंगली जानवरों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। कहा कि वर्तमान में वन विभाग जनहानि पर चार लाख रूपए मुआवजा देकर पल्ला झाड़ देता है, जो कि बहुत ही कम है। कहा कि जनहानि होने पर मुआवजे की राशि बढ़ाई जानी चाहिए। प्रभागीय वनाधिकारी ने नागरिक मंच को उठाई गई समस्याओं का निस्तारण करवाने का आश्वासन दिया। कहा कि लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग का मामला न्यायालय में चल रहा है। वन विभाग की तरफ से समस्त सूचनाओं व विभाग के पक्ष को न्यायालय के समक्ष रखा जा चुका है।