चमोली : उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के शोध अधिकारी डॉ. हरीश गुरुरानी मंगलवार को संस्कृत ग्राम डिम्मर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से संस्कृत में संवाद किया। साथ ही यहां संचालित संस्कृत के पठन-पाठन कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने यहां प्रशिक्षण लेने वाले ग्रामीणों की संख्या बढ़ाने को कहा। विकासखंड के डिम्मर गांव को सरकार ने बीते वर्ष संस्कृत ग्राम बनाया। यहां बोलचाल और संस्कृत के बेहतर ज्ञान के लिए संस्कृत प्रशिक्षक की नियुक्ति सरकार की ओर से की गई है। बीते छ: माह से यहां संस्कृत का प्रशिक्षण ग्रामीणों को दिया जा रहा है। मंगलवार को गांव के पौराणिक चौंरी चौक पर उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के शोध अधिकारी डॉ. हरीश गुरुरानी और प्रकाशन अधिकारी केएल रतूड़ी ने संस्कृत शिक्षा ग्रहण कर रहे ग्रामीणों और महिलाओं से संस्कृत में संवाद किया। उन्होंने कहा कि देव भाषा संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार कई कार्यक्रम संचालित कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से प्रशिक्षण लेने वाले ग्रामीणों की संख्या बढ़ाने और नियमित रूप से अध्ययन करने का आह्वान किया। इस मौके पर प्रशिक्षक दुर्गेश सती, संयोजक सत्य प्रसाद खंडूड़ी, गणेश चंद्र खंडूड़ी, मोहन प्रसाद डिमरी, बबली डिमरी, नरेश खंडूड़ी, सावित्री देवी, सुबोधनी देवी, राजेश्वरी देवी, सतेश्वरी देवी, अंबिका डिमरी और डॉ. प्रदीप सेमवाल आदि मौजूद थे। (एजेंसी)