दुनिया में भूख से लड़ने के लिए दो लाख टन चावल आपूर्ति करेगा भारत, एफसीआई-डब्ल्यूएफपी में हुआ समझौता

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नई दिल्ली , भारत दुनियाभर में चल रहे मानवीय कार्यों के लिए दो लाख टन टूटे चावल की आपूर्ति करेगा। भूख से लड़ने के मकसद पांच साल के दौरान यह आपूर्ति की जाएगी। इस संबंध में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के बीच करार पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत अवधि को आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है और कीमत भी हर साल आम सहमति से तय की जाएगी। 31 मार्च, 2026 तक के लिए कीमत प्रति क्विंटल 2,800 रुपये तय की गई है।
खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि डब्ल्यूईएफपी के साथ साझेदारी के जरिये हम भूख से जूझ रहे लोगों को उम्मीद, पोषण और सम्मान दे रहे हैं। यह समझौता भारत की इस प्रतिबद्धता को दिखाता है कि कोई भी भूखा न रहे। भारत कुपोषण और खाने की कमी से लड़ने में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ खड़ा रहेगा। डब्ल्यूएफपी के उप कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काउ ने कहा कि भारत के साथ यह समझौता वैश्विक स्तर पर भूख से लड़ने में एक अहम पड़ाव है। भारत का सहयोग डब्ल्यूएफपी को अगले पांच वर्षों में कमज़ोर आबादी तक ज्यादा असरदार तरीके से पौष्टिक खाना पहुंचाने में मदद करेगा।
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