जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी के अंतर्गत राज्य स्तरीय नगरीय विकास संस्थान, नैनीताल की ओर से नगर निगम सभागार में पार्षदों के लिए दो दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पार्षदों को नगर निगम अधिनियम, निकायों की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान नगर निगम की संरचना, स्थायित्व, अधिकारियों के अधिकार एवं दायित्व तथा महापौर, नगर आयुक्त और पार्षदों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने निकायों की आय बढ़ाने के संभावित स्रोतों और स्थानीय स्तर पर वित्तीय संसाधन मजबूत करने के उपाय भी बताए। प्रशिक्षक चंद्रकांत भट्ट ने नगर निगम की आय के स्रोत बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जानकारी साझा की। मैत्रेई धूलिया ने उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली, टेंडर प्रक्रिया, वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद और स्थानीय बाजार सर्वेक्षण के आधार पर कोटेशन प्राप्त करने की प्रक्रिया को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। राज्य नगरीय विकास संस्थान के कार्यक्रम निदेशक अनूप बमोला ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े प्रावधानों और संबंधित नियमावली की जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के नवीनतम निर्णयों से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी की आउटरीच पहल का हिस्सा है। इसके तहत अकादमी की ओर से प्रदेश के विभिन्न शहरी निकायों में जाकर जनप्रतिनिधियों और संबंधित कार्मिकों के लिए क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना और जनप्रतिनिधियों को नियमों व व्यवस्थाओं की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में महापौर शैलेंद्र सिंह रावत, नगर आयुक्त पीएल शाह, सहायक नगर आयुक्त चंद्रशेखर शर्मा सहित अन्य अधिकारी और पार्षद मौजूद रहे।