जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से ही पहाड़ों से हो रहे पलायन पर विराम लगाया जा सकता है।
देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत महाविद्यालय में 12 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्य डीएस नेगी, जिला समन्वयक एवं परियोजना अधिकारी सर्वेंद्र रावत, नोड़ल अधिकारी डा. एसके गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। कहा कि यह योजना प्रत्येक छात्र-छात्रा के लिए अपने उद्यमिता एवं स्टार्टअप आईडियाज को धरातल पर उतारने का एक उपयुक्त प्लेटफार्म है। प्रदेश में बेरोजगारी से हो रहा पलायन चिंता का विषय है। पलायन को रोकने व पहाड़ के बेहतर विकास के लिए युवाओं को स्वरोजगार अपनाना चाहिए। कार्यशाला में उद्यमिता की अवधारणा, महत्व, उद्यमी बनने के आकर्षण, उद्यमी के गुण, नए उद्यमों के लिए नवाचार की महत्ता, स्टार्टअप स्थापना, विभिन्न एजेंसियों की भूमिका, व्यावसायिक अवसरों की पहचान, बाजार सर्वेक्षण, उपलब्धि प्रेरणा प्रशिक्षण, कौशल आधारित प्रशिक्षण, औद्योगिक विजिट, सफल उद्यमियों से परिचर्चा, मार्केटिंग, ब्रांडिंग, प्रोडक्ट क्वालिटी, डिजाइनिंग, पैकेजिंग, मानव संसाधन प्रबंध, उद्यम आधार जनरेट करना, प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना व प्रतिभागों को उद्यम रजिस्ट्रेशन करवाने का प्रशिक्षण दिया गया। वाणिज्य विभाग प्रभारी प्रोफेसर प्रीति रानी ने उद्यमिता के वास्तविक अर्थ व सरकारी की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर डा. अभिषेक गोयल, कुलदीप सिंह, डा. प्रियंका अग्रवाल, डा. सुनीता नेगी, प्रो. आर एस चौहान, डा. अभिषेक गोयल, डा. प्रवीण जोशी, डा. विनोद सिंह, डा. सरिता चौहान, डा. अंशिका बंसल, डा. मुकेश रावत आदि मौजूद रहे।