इंटरार्क श्रमिकों ने सामूहिक भूख हड़ताल कर कलक्ट्रेट तक निकाला मार्च

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रुद्रपुर। इंटरार्क श्रमिकों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल के साथ ही कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। श्रमिकों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कलेक्ट्रेट में श्रमिकों ने डीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा। डीएम ने श्रमिकों को जल्द ही एक बैठक कर साकारात्मक वार्ता का भरोसा दिया है। वहीं श्रमिकों ने वार्ता सफल नहीं होने पर एक जून को कुमाऊं मंडल कार्यालय पर सत्याग्रह करने का ऐलान किया है। इससे पहले इंटरार्क श्रमिकों ने शहीद करतार सिंह सराभा के जन्म दिन पर उन्हें याद किया और श्रद्घांजलि दी।
मंगलवार को पारले चौक पर भूख हड़ताल के बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि उच्च न्यायालय ने एक अप्रैल को शासन को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि छह सप्ताह के भीतर इंटारर्क कंपनी सिडकुल पंतनगर की तालाबंदी के विषय में कार्रवाई की जाए, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते पिछले तीन माह से करीब 500 मजदूर बेरोजगार हो गए हैं और परिवार का भरण-पोषण तक नहीं कर पा रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि इंटरार्क मजदूर संगठन पंतनगर के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि कंपनी प्रबंधन ने पंतनगर प्लांट से किच्छा प्लांट में कई मशीनों को स्थानांतरित कर दिया है। साथ ही वहां 400 श्रमिकों की भी भेज दिया है। उन्होंने बताया कि यूनियन से जुड़े श्रमिकों की गेटबंदी की गई है। उन्होंने सभी श्रमिकों को किच्छा प्लांट में समायोजित करने की मांग की है। वक्ताओं ने कहा कि एक ओर आदेशों का उल्लंघन कर कैजुअल के नाम पर 600 से 700 श्रमिकों की भर्ती कर दी गई है, जबकि यूनियन से जुड़े 40 मजदूरों को झूठे आरोप लगाकर निलंबित कर दिया गया है। इसे किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद मार्च निकला गया। यहां इंटरार्क मजदूर संगठन पंतनगर के अध्यक्ष दलजीत सिंह, किच्छा के महामंत्री पान मुहम्मद, कैलाश चंद्र, सुब्रत विश्वास, निदेश चंद्र, ठाकुर सिंह, दीपक कुमार, रविंद्र कुमार, ललित कुमार, मिथलेश यादव, नरेंद्र राजपूत, दिनेश जोशी, शिवदेव सिंह, खेमकरन, श्रमिक संयुक्त मोर्चा के दिनेश तिवारी, हरेंद्र शामिल रहे।

 

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