ऑनलाइन ठगी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

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-ओएलएक्स पर सामान बेचने व अन्य माध्यमों से लगाते थे लोगों को लाखों का चूना

-कोटद्वार समेत जनपद पौड़ी गढ़वाल में कई लोगों को बनाया ठगी का शिकार

जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह का कोटद्वार पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। यह आरोपी ओएलएक्स पर सामान बेचने समेत अन्य माध्यमों से लोगों को अपने झांसे में लेते थे और फिर उन्हें लाखों रुपयों का चूना लगा देते थे। आरोपी कोटद्वार समेत जनपद पौड़ी में भी तीन ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे।
कोतवाली कोटद्वार के वरिष्ठ उपनिरीक्षक जगमोहन रमोला ने बताया कि नौ अगस्त 2021 को घमंडपुर कोटद्वार निवासी संजय सिंह ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि किसी व्यक्ति ने ओएलएक्स पर ऑल्टो कार बेचने का विज्ञापन डाला था। उन्होंने उक्त व्यक्ति से संपर्क किया और यह कार खरीदने की बात कही, लेकिन आरोपी ने अपने जाल में फंसाकर संजय सिंह से करीब 19 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि पूरी गैंग का काम है। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनीषा जोशी, क्षेत्राधिकारी कोटद्वार गणेश लाल कोहली, प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार विजय सिंह व प्रभारी सीआईयू मौहमद अकरम की टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी को प्लान बनाया। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि उक्त ठगी में शामिल तीन आरोपी किसी मामले में जिला कारागार हिंडोन सिटी, जिला करौली, राजस्थान में बंद हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को बी वारंट पर कोटद्वार लाकर पूछताछ की तो पता चला कि इन शातिरों ने जनपद पौड़ी गढ़वाल में तीन ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार इसके अलावा भी उक्त आरोपी व उनके गिरोह के सदस्य अन्य राज्यों समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।

इस तरह बनाते थे मासूम लोगों को अपना शिकार
पुलिस द्वारा गिरफ्तार तीनों आरोपी भरतपुर राजस्थान के रहने वाले है। यह आरोपी ओएलएक्स पर विभिन्न गाड़ियों को बेचने का विज्ञापन डालते थे। जब कोई व्यक्ति इनसे संपर्क करता था तो आरोपी खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर वाहनों की डील तय करते थे। जिससे पीड़ित का आरोपियों पर विश्वास बढ़ जाता था। एक बार जब पीड़ित पूरी तरह से इन आरोपियों के झांसे में आ जाता था तो यह गूगल पे, फोन पे के माध्यम से या विभिन्न ट्रांजेक्शन के नाम पर पीड़ित को लाखों रुपयों का चूना लगा देते थे। पुलिस जांच में इन आरोपियों के बैंक खातों में लाखों रुपयों का लेन-देन होना पाया गया। ठगी के इस गैंग ने छोटे-छोटे गुट बनाकर सभी को काम बांटा हुआ था। गैंग का एक सदस्य जो कॉलर होता है वह असम या अन्य स्थानों से सिम कार्ड एकत्र करता है। इन सिम की मदद से लोगों को फोन कर ठगी का शिकार बनाया जाता है। ठगी के पैसों को आरोपी एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करते हैं और फिर उस पैसे से पेट्रोल या अन्य वस्तुएं खरीदते हैं। या फिर बड़ी चालाकी से आपस में बांट लेते हैं। पूरी प्रक्रिया में हर पड़ाव पर प्रत्येक आरोपी का कमीशन बंधा हुआ होता है। यह आरोपी इतनी शातिर तरीके से ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हैं कि इन्हें पकड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।

इस तरह हुई है गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
-जुबैर खान निवासी उकीदल्ला, थाना सीकरी, जनपद भरतपुर, राजस्थान।
-उमर निवासी रायबक्का, थाना गोपालगढ़, जनपद भरतपुर, राजस्थान।
-जीवन गुज्जर निवासी कजौली, थाना बालघाट, जिला करौली, राजस्थान।

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