उत्तरकाशी। नगुण पट्टी के ग्राम पंचायत खांड-बिड़कोट में सिंचाई के लिए बनाई गई आठ इंच मोटी पाइप लाइन परेशानी का सबब बन गई है। करीब 15 साल बाद बनी नहर कभी आपदा से तो कभी सड़क की दीवार टूटने से क्षतिग्रस्त हो रही है। इससे विभाग के लिए नहर की मरम्मत करना बड़ी चुनौती बन गई है। थौलधार ब्लॉक में खांड-बिड़कोट की नहर चंबा-धरासू राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के दौरान करीब 15 साल पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों की ओर से लगातार नहर की मरम्मत करने की मांग उठाने के बाद दो साल पहले ही नहर बनाने के लिए बीआरओ ने 1.28 करोड़ रुपये सिंचाई विभाग को दिए थे। सिंचाई विभाग ने ढिक्यारा गाड से एक किमी दूर गांव तक आठ इंच मोटे पाइप बिछाकर सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया था। वर्षों इंतजार के बाद खेतों की सिंचाई के लिए पानी मिलने पर काश्तकार काफी राहत में थे लेकिन अगस्त 2025 में आई आपदा से नहर का हेड क्षतिग्रस्त हो गया। सात-आठ माह इंतजार के बाद सिंचाई विभाग ने अस्थायी व्यवस्था कर पानी चलाया लेकिन चार माह बाद फिर से राष्ट्रीय राजमार्ग की दीवार टूटने से करीब 30 मीटर पाइप हवा में झूलने लगे हैं जिससे विभाग ने लाइन टूटने के खतरे को देखते हुए नहर से पानी की आपूर्ति बंद कर दी है। गांव की प्रधान लता देवी, बलदेव सिंह कुमाईं, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नारायण सिंह चौहान और पूर्व प्रधान रूपराम ने बताया कि नहर पर पानी बंद होने से लोग परेशान हैं। काश्तकार इन दिनों नकदी फसल की बुवाई कर रहे हैं लेकिन सिंचाई के लिए पानी नहीं होने के कारण लोगों की दिक्कतें बढ़ गई है। काश्तकारों ने कहा कि पाइप की सुरक्षा के दीवार लगा दी जाती तो नहर पर पूरा पानी चलाया जा सकता है। उन्होंने विभाग से पाइप लाइन की सुरक्षा के लिए दीवार लगाने की मांग की है। इस बाबत सिंचाई विभाग के अवर अभियंता उत्तम दास का कहना कि सड़क की सुरक्षा दीवार बीआरओ की है। उन्हें पत्र भेज दिया गया है।