महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलना जरूरी

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सेमिनार में ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने एवं महिला सशक्तिकरण पर हुआ गहन मंथन
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : डॉ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल हिमालयन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में आईसीएसएसआर एवं उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रायोजित “माइक्रो फाइनेंस फॉर वूमेन इंपावरमेंट एंड रिडक्शन इन रूरल आउट माइग्रेशन : माइक्रो एविडेंस फ्रॉम उत्तराखंड स्टेट ” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार शनिवार को सम्पन्न हो गया है। इस सेमिनार में देश के 17 राज्यों से 205 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किये।
सेमिनार के टेक्निकल सेशन में की नोट स्पीकर शहीद भगत सिंह कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) से आये प्रोफेसर डी.डी. चतुर्वेदी ने माइक्रोफाइनेंस फॉर वूमेन इंपावरमेंट विषय पर अपना व्याख्यान देते हुए महिला सशक्तिकरण में भारतीय अवधारणाओं पर विचार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी सहारे का इंतजार किए बिना महिलाओं को अपने विकास के लिए स्वयं प्रयास करना चाहिए। सूक्ष्म वित्त को उन्होंने महिला उत्थान हेतु एक शक्तिशाली साधन बताया। समापन सत्र में मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल ने अपने संबोधन में सशक्त उत्तराखंड के निर्माण हेतु सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता को निचले स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने संस्कार, संस्कृति और इतिहास पर जोर देते हुए कहा कि परिवार प्राथमिकता होना चाहिए, जब परिवार सही होगा तभी आप अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभा सकते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डीएस नेगी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को समानता एवं स्वतंत्रता देने के साथ-साथ महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलना जरूरी है। उन्होंने उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी अर्थव्यवस्था के विकास हेतु लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना अति आवश्यक है। सेमिनार की समन्वयक प्रो. प्रीति रानी ने दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। सेमिनार की आयोजन सचिव डॉ. अंशिका बंसल ने इस सेमिनार के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण करके उत्तराखंड को पलायन की समस्या से निजात दिलाई जा सकती है। इस मौके पर प्राध्यापक डॉ. संतोष कुमार गुप्ता, प्रो. बसंतिका कश्यप, प्रो. आरएस चौहान, प्रो. आदेश कुमार, प्रो. राखी डिमरी, डॉ. प्रवीण जोशी, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. विनोद सिंह, डॉ. रिचा जैन, डॉ. प्रियंका अग्रवाल, डॉ. मीनाक्षी वर्मा, डॉ. चंद्रप्रभा भारती आदि मौजूद रहे।

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