नई दिल्ली , इज़राइल और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के चलते पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं प्रभावित रही हैं। कई उड़ानें रद्द होने से यात्री विभिन्न देशों में फंस गए थे। इसी बीच राहत की खबर सामने आई है। अबू धाबी से उड़ान भरने वाला पहला विमान सुरक्षित रूप से केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बेंगलुरु में उतर गया, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
वापस लौटे एक यात्री ने बताया कि वहां हालात बेहद भयावह थे। फ्लाइट रद्द होने के बाद एयरलाइन ने उन्हें एक होटल में ठहराया था, लेकिन होटल के आसपास लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। आसमान में मिसाइलों को रोका जा रहा था और चारों ओर दहशत का माहौल था। उन्होंने कहा कि वे बेहद डरे हुए थे, लेकिन भारत लौटकर सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
हालांकि क्षेत्र में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। बड़ी संख्या में भारतीय छात्र ईरान में फंसे हुए हैं। उनकी सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। भारत और ईरान के बीच समन्वय के तहत छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की जा रही है।
मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास के कॉन्सुल जनरल सईद रेजा मोसायेब मोतलाग ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि ईरानी सरकार भारतीय छात्रों को युद्धग्रस्त क्षेत्रों से निकालने के लिए आवश्यक इंतजाम कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को देश छोड़ने के लिए किसी विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं है और वे जमीनी सीमाओं के जरिए बाहर जा सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से ईरान के सभी हवाई अड्डे फिलहाल बंद हैं, इसलिए हवाई मार्ग से बाहर निकलना संभव नहीं है। छात्र अफगानिस्तान और तुर्कमेनिस्तान की सीमाओं के रास्ते ईरान से बाहर जा सकते हैं। इसके लिए केवल पासपोर्ट साथ होना आवश्यक है।
गौरतलब है कि ईरान के साथ अमेरिका और इज़राइल का सैन्य टकराव लगातार गहराता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों द्वारा किए गए हमलों में अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार सुबह नए धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि पश्चिमी शहर सनंदाज में रिहायशी इलाकों पर मिसाइलों की बौछार की गई है। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने भी हमलों की पुष्टि की है।