देहरादून। उत्तराखंड विजिलेंस ने मंगलवार को ऊर्जा निगम के एक अवर अभियंता (जेई) को 80,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पथरीबाग स्थित विद्युत सब स्टेशन पर तैनात था। आरोपी जेई एक नए खरीदे गए अपार्टमेंट में बिजली का कनेक्शन देने और विद्युत लोड बढ़ाने की एवज में इस मोटी रकम की मांग कर रहा था। देहराखास में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के नाम पर 11 फ्लैट का अपार्टमेंट खरीदा है। इस नए अपार्टमेंट में पत्नी के नाम से बिजली का नया कनेक्शन लेने और जरूरत के हिसाब से विद्युत भार बढ़ाने के लिए उसने आवेदन किया था। आरोप है कि नया ट्रांसफार्मर न लगाने और ऐसे ही लोड बढ़ाने के लिए पथरी बाग स्थित 33/11 केवी बिजली घर जेई ने रिश्वत मांगी। जेई अतुल कुमार निवासी इंद्रेशनगर, देहरादून ने इसके एवज में 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बिना पैसे दिए काम अटकाए रखा। शिकायत पर विजिलेंस टीम देहरादून ने पहले मामले की गोपनीय जांच की। जब प्रथम दृष्टया रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई तो आरोपी जेई को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। शिकायतकर्ता पैसे लेकर जेई अतुल कुमार के पास उनके कार्यालय पहुंचा। जैसे ही जेई ने शिकायतकर्ता से 80,000 रुपये की रिश्वत हाथ में ली तो सादे कपड़ों में वहां पहले से मुस्तैद विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। टीम आरोपी जेई को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अब आरोपी से आगे की पूछताछ की जा रही है। आरोपी के आवास पर विजिलेंस ने छापेमारी की।