मेरठ ,मेरठ के कपसाड़ कांड की विवेचना कर रहे सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ पहुंचकर पीड़िता रूबी के परिजनों के बयान दर्ज किए। सीओ ने रूबी के पिता सतेंद्र और भाइयों नरसी, मनदीप व शुभम से अलग-अलग पूछताछ की।
सीओ ने परिजनों के साथ घटनास्थल रजबहे पर जाकर पूरी घटना की जानकारी ली और मौके का फिर से निरीक्षण किया। परिजनों से घटनाक्रम को लेकर गहन पूछताछ की गई।
गौरतलब है कि आठ जनवरी को गांव कपसाड़ में अनुसूचित जाति की युवती रूबी का अपहरण किया गया था। विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की सिर में फरसा मारकर हत्या कर दी गई थी। रूबी के बड़े भाई नरसी कुमार ने गांव के ही पारस सोम के खिलाफ हत्या, अपहरण और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
तीसरे दिन आरोपी गिरफ्तार, रूबी बरामद
मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस ने गांव की नाकेबंदी कर दी थी। वारदात के तीसरे दिन 10 जनवरी की शाम को पुलिस ने रुड़की से आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर अपहृता रूबी को बरामद किया था। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है, जबकि रूबी को कोर्ट के आदेश पर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
नाबालिग चश्मदीदों के कोर्ट में होंगे बयान
सीओ ने बताया कि परिजनों के अनुसार वारदात के समय घटनास्थल पर दो नाबालिग किशोरियां मौजूद थीं। दोनों चश्मदीद हैं, इसलिए उनके बयान कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराए जाएंगे। सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि आरोपी पारस सोम से हत्या में प्रयुक्त फरसा और अन्य साक्ष्य बरामद करने के लिए जल्द ही कोर्ट में कस्टडी रिमांड की अर्जी डाली जाएगी।
नहीं मनाई जाएगी रस्म तेरहवीं
पुलिस की सख्ती और गांव में चल रही नाकेबंदी के चलते मृतका सुनीता की रस्म तेरहवीं परिजन नहीं मनाएंगे। बड़े बेटे नरसी कुमार ने बताया कि रिश्तेदार गांव नहीं आ पा रहे हैं। मां का तिज्जा मनाया जा चुका है।
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