जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्य समिति के सदस्य करण माहरा ने कहा कि उत्तराखंड की अस्मिता पर उठने वाले किसी भी हमले को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
करण माहरा दिल्ली के उत्तराखंड सदन में प्रसिद्ध राज्य आंदोलनकारी उत्तराखंड क्रांति दल के नेता फील्ड मार्शल स्वर्गीय दिवाकर भट्ट और भाकपा माले के नेता राजा बहुगुणा की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर वक्ताओं ने एक स्वर में दिवाकर भट्ट के उत्तराखंड आंदोलन में योगदान को ऐतिहासिक बताया। धीरेंद्र प्रताप ने उत्तराखंड के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की 100वीं जयंती पर कहा कि वे राज्य आंदोलन के महानायक थे। 24 दिसंबर को उनके जन्मदिवस के अवसर पर उत्तराखंड सरकार को विशेष स्मरण करना चाहिए था और स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की भांति उनके भी राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए विशिष्ट स्मरण होना चाहिए था परंतु ऐसा नहीं किया गया। भाकपा माले के नेता पुरुषोत्तम शर्मा और चारु तिवारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राजा बहुगुणा ने अपनी जवानी के बहुत अच्छे दिन उत्तराखंड आंदोलन और गरीब और कमजोर वर्ग की शक्तियों को मजबूती प्रदान करने में लगाए। शाहरुख तिवारी ने अंकित भंडारी के मामले पर कहा कि उत्तराखंड में मातृशक्ति का अपमान कभी होने नहीं देंगे। उत्तराखंड क्रांति दल के नेता विनोद रावत ने दिवाकर भट्ट को जुझारू नेता बताया। सभा में मौजूद नेताओं ने बाद में पारित एक प्रस्ताव में अंकिता हत्याकांड के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने का प्रस्ताव पारित किया। कहा कि जल्द ही दिल्ली में अंकिता भंडारी के दोषियों को सजा दिलाए जाने की मांग को लेकर एक विशाल जन प्रदर्शन किया जायेगा। श्रद्धांजलि सभा में पूर्व मंत्री और कांग्रेस प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप, विधायक किशोर उपाध्याय, पत्रकार दाता राम चमोली, सुरेश नौटियाल, देव सिंह रावत, चारु तिवारी, जगमोहन डांगी, सत्येंद्र रावत, कांग्रेस के पूर्व सचिव हरिपाल रावत, दिल्ली चिन्हित आंदोलनकारी समिति के अध्यक्ष मनमोहन शाह, संरक्षक अनिल पंत, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा श्रीमती उमा जोशी, महासचिव पुष्पा घुघतयाल, डॉ. प्रेम बहुखंडी, राज्य आंदोलनकारी व नाटककार खुशाल सिंह बिष्ट, प्रेम थलवाल, करण बुटोला, हरि सिंह राणा, एसपी बलूनी आदि मौजूद थे।