केदारनाथ हाईवे पर हो रहे निर्माण की हो उच्चस्तरीय जांच

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रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण में केदारघाटी के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने कार्यदायी संस्था और विभाग पर निर्माण में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाया है। इसके लिए शेरसी में धरना प्रदर्शन भी किया जा रहा है। इधर, उत्तराखंड राज्य किसान कौसिंल ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री को ज्ञापन देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। किसान सभा के महामंत्री एवं पूर्व जिपं अध्यक्ष गंगाधर नौटियाल ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री को दिए ज्ञापन में कहा कि केदारनाथ हाईवे पर गुप्तकाशी से सोनप्रयाग तक बड़ी संख्या में अवैध खनन, व्यापक स्तर पर वृक्षों का पातन एवं ग्राम पंचायत एवं वन पंचायत की भूमि को तबाह किया जा रहा है। इसके लिए मानकों को दरकिनार का भारी अनियमितताएं बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था द्वारा रोड निर्माण कार्य के समय गांव के रास्तों, जंगल एवं पानी के स्रोतों को नुकसान पहुंचाया गया। साथ ही वन पंचायत की भूमि पर बिना अनुमति टिन शेड का निर्माण किया गया। कई बार विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया, किंतु आज तक राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग और कार्यदायी संस्था दोनों के द्वारा इन मांगों पर कोई कार्य नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशों पर आई प्रशसान की टीम ने भी प्रभावित क्षेत्र में निरीक्षण नहीं किया। महज खानापूर्ति कर उपजिलाधिकारी वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों को मुआवजा, अवैध खनन और कटान बंद करना, गांव के रास्तों का निर्माण, पेयजल लाइनें दुरस्त आदि कार्य नहीं किया गया तो, क्षेत्रीय लोग उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। कहा कि गांव के रास्ते न होने के कारण गांव की महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को आवाजाही में परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। कार्यदायी संस्था को गांव के रास्तों व पेयजल निर्माण के लिए बार बार कहने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

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