जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : चिल्लरखाल वन चौकी के समीप लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग को लेकर धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। लोगों ने सरकार से जनता के हित को देखते हुए जल्द मार्ग निर्माण की मांग उठाई। कहा कि जनता की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शुक्रवार को उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी ने आंदोलन को समर्थन दिया। धरने को संबोधित करते हुए आशुतोष नेगी ने कहा कि धार्मिक व पर्यटन की गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग का निर्माण आवश्यक है। कहा कि इससे केवल कोटद्वार ही नहीं लैंसडौन, पौड़ी सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी। एडवोकेट रोहित डंडरियाल ने कहा कि 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट से जो फैसला आया है। वह कार्बेट वन क्षेत्र से संबंधित है। कहा कि इसके बाद भी लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर रोक जस की तस है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की जाएगी। इसके लिए सरकार को भी मजबूत पैरवी करनी चाहिए। प्रवीण थापा ने कहा कि जब तक मार्ग निर्माण नहीं होता आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। इस मौके पर रविन्द्र सौंद, संजय सिंह रावत, अमित अमोली, कृपाल सिंह, नरेश धस्माना, अमित सिंह सौद, मदन सिंह बिष्ट, ध्यान सिंह बिष्ट, सुशीला देवी, हेमा नेगी, रेखा देवी, शांता देवी आदि मौजूद रहे।